महेंद्र सिंह धोनी ने पिछले दिनों वनडे और टी20 टीम की कप्तानी छोड़ का एलान किया था। बताया जाता है कि 2019 के वर्ल्ड कप को देखते हुए धोनी ने यह फैसला लिया। हालांकि अटकलें लग रही हैं कि चयनकर्ताओं ने धोनी को पद छोड़ने के कहा था। हालांकि अभी इस बारे में किसी भी ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार चयन समिति की ओर से कहा गया कि विराट कोहली अब तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी करने के योग्य हैं। इसलिए उन्हें नियुक्त करने का समय आ गया है। माना जाता है कि इसके बाद धोनी ने कप्तानी छोड़ने के फैसले की जानकारी बीसीसीआई को दे दी।
चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने धोनी के फैसले के बारे में बताया था, ”अगर माही ने यह फैसला एक साल या छह महीने पहले लिया होता तो मैं चिंतित होता। लेकिन उनकी परफेक्ट टाइमिंग के लिए मैं उन्हें सलाम करता हूं। वह जान गए हैं कि विराट अब इस योग्य हैं और टेस्ट में जबरदस्त नेतृत्व कर रहे हैं। इसलिए धोनी का यह फैसला सही है।” उन्होंने बताया कि कप्तानी छोड़ने के बारे में धोनी ने केवल तीन शब्दों में अपनी बात कह दी। उन्होंने कहा, ”ओके देट्स इट यानि ठीक है समय आ गया।” आपको बता दें कि जिस दिन धोनी के पद छोड़ने की खबर आई थी उसी दिन एमएसके प्रसाद नागपुर में माही के साथ नजर आए थे। धोनी झारखंड रणजी टीम के साथ नागपुर में थे। वे इस टीम के मेंटर के रूप में थे।
कोहली ने दिसंबर 2014 में भारतीय टेस्ट टीम की कमान संभाली है। उसके बाद से उनके नेतृत्व में टीम ने एक भी सीरीज नहीं हारी है। साथ ही भारत वर्तमान में नंबर एक टेस्ट टीम है। उनके नेतृत्व में भारत 18 टेस्ट से अपराजेय है। कोहली के कप्तान बनने के बाद से भारत ने दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, वेस्ट इंडीज, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड का हराया है। दूसरी ओर साल 2015 के वर्ल्ड कप के बाद से धोनी ने 21 वनडे में कप्तानी की है और इनमें से टीम इंडिया को 11 में हार मिली है। इनमें तीन सीरीज हार भी शामिल है। साथ ही बल्लेबाजी में भी उनका रंग फीका पड़ रहा था। क्रिकेट के जानकारों का कहना था कि धोनी से कप्तानी का दबाव हटने के बाद वे टीम इंडिया के लिए अहम योगदान दे सकते हैं।

