आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी मोर्चा खोल दिया है। हजारों होम बायर्स के बाद अब धोनी ने भी कंपनी के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट में धोनी ने याचिका दायर की है कि उन्हें उनके बकाया 40 करोड़ रुपए दिलवाए जाएं। याचिका में कहा गया है कि काफी वक्त से धोनी आम्रपाली ग्रुप का चेहरा रहे लेकिन उन्हें भुगतान नहीं किया गया।
गौरतलब है कि धोनी पहले शख्स नहीं हैं जो आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ अदालत गए हैं। इससे पहले हजारों होम बायर्स ने इस कंपनी पर ठगने का आरोप लगाया था, उनका कहना है कि उन्हें घर नहीं दिया गया। इस बात की शिकायत को लेकर बार्यस अदालत पहुंचे। अब महेंद्र सिंह धोनी भी अदालत पहुंच गए हैं।
क्या है मामला:
धोनी ने अपनी याचिका में कहा कि वह 2009 से 2015 तक आम्रपाली ग्रुप के ब्रांड एम्बेसडर रहे हैं। इस दौरान उनका कंपनी के साथ कई करारे थे लेकिन 2016 में वह कंपनी से अलग हो गए इसके बाद कंपनी ने धोनी को बकाया पैसा नहीं वापस किया।
45000 होम बायर्स को घर ना देने का आरोप:
बता दें आम्रपाली ग्रुप आरोप है कि लगभग 45000 लोगों को घर ना देने का आरोप है। खरीदारों को घर नहीं मिलने की आशंका के बाद खरीदारों ने सोशल मीडिया पर आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ कैंपने चलाया और मुद्दे ने काफी तूल पकड़ा। विवाद बढ़ता देख महेंद्र सिंह धोनी ने घर खरीदारों का समर्थन करते हुए कंपनी से अपना नाता तोड़ लिया था। दरअसल, उस दौरान धोनी को कंपनी से जुड़े होने के नाते खरीदारोंने उनके हक में आवाज उठाने की बात कही थी। धोनी के साथ-साथ धोनी की पत्नी साक्षी भी इस कंपनी का हिस्सा थीं। आम्रपाली ग्रुप को लेकर मामला अभी भी अदालत में चल रहा है। बीते साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही आम्रपाली समूह के डायरेक्टर अनिल कुमार शर्मा, शोव प्रिया और अजय कुमार को गिरफ्तार किया गया था।
