World Cup 2019: एमएस धोनी के ग्लव्ज पर दिखे सैन्य प्रतीक के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बता दें कि पाकिस्तान भी अब इस विवाद में कूद पड़ा है। दरअसल पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने धोनी के ग्लव्ज पर सैन्य प्रतीक दिखाई देने पर ट्वीट कर कहा है कि ‘धोनी इंग्लैंड में क्रिकेट खेलने गए हैं ना कि महाभारत में शामिल होने।’ फवाद चौधरी ने भारतीय मीडिया के इस मुद्दे पर डिबेट करने पर भी तंज कसा। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए मैच में एमएस धोनी विकेटकीपिंग के दौरान जो ग्लव्ज पहनकर मैदान में उतरे थे, उन पर भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेज के पैरा कमांडो का सैन्य प्रतीक ‘बलिदान बैज’ छपा हुआ था। दरअसल धोनी ने सेना के प्रति सम्मान जताने के उद्देश्य से ऐसा किया था।
अब आईसीसी ने इस पर आपत्ति जताते हुए बीसीसीआई से कहा है कि धोनी इस निशान वाले ग्लव्ज पहनकर मैदान में ना उतरें। आईसीसी ने इसके लिए नियमों का हवाला दिया है। इसे लेकर सोशल मीडिया और टीवी मीडिया पर चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच पाकिस्तान के साइंस और टेक्नोलॉजी मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट कर कहा है कि “धोनी इंग्लैंड में क्रिकेट खेलने गए हैं ना कि महाभारत के लिए, भारतीय मीडिया इस पर बेवकूफाना तरीके से डिबेट कर रहा है। भारतीय मीडिया का एक वर्ग युद्ध को लेकर काफी उत्तेजित है, इसलिए उन्हें सीरिया, अफगानिस्तान या रवाडा भेज देना चाहिए।”
गौरतलब है कि बीती मार्च में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए एक मैच में भारतीय टीम आर्मी कैप पहनकर मैदान पर उतरी थी। भारतीय टीम ने पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से ऐसा किया था। उस वक्त भी पाकिस्तानी मीडिया में इसे लेकर आपत्ति जतायी गई थी। हालांकि खुद पाकिस्तान की टीम एक बार मैदान पर जीत के बाद पाकिस्तानी आर्मी के प्रति सम्मान जता चुकी है। सोशल मीडिया पर धोनी की तारीफ हो रही है। वहीं मशहूर लेखक तारेक फतह ने भी ट्वीट कर आईसीसी की आलोचना की है। तारेक फतह ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान की टीम मैदान पर नमाज पढ़ सकती है, लेकिन धोनी का गलव्ज पर बैज लगाना सही नहीं है!
