खेल डेस्क
राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी पिछले कुछ समय से भारत की झोली में पदक डालने वाले खेलों में अव्वल साबित हुआ है। आंकड़े भी इसकी गवाही देते हैं। भारत के खाते में अब तक कुल 438 राष्ट्रमंडल पदक आए हैं। इसमें से 118 पदक सिर्फ निशानेबाजी से आए हैं। 2014 राष्ट्रमंडल खेल हों या 2010, दोनों में ही भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन किया है। जहां 2014 में 64 में से 17 पदक निशानेबाजी में आएं तो 2010 में कुल 101 में से 30 पदक भारत को मिले। 2014 में भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 30 सदस्यीय निशानेबाजी दल भेजा था। इस बार गोल्ड कोस्ट के लिए 27 सदस्यीय दल गया है। हाल के दिनों में आइएसएसएफ विश्व कप में भारत को पदक दिलाने वालीं मनु भाकर, अनीस भानवाला, मेहुली घोष पदक के दावेदारों में शामिल हैं। साथ ही जीतू राय, गगन नारंग और हिना सिद्धू जैसे अनुभवी भी निशानेबाजी भी हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि भारतीय दल में युवा और अनुभव का सही मिश्रण है। नजर डालते हैं राष्ट्रमंडल खेलों के लिए निशानेबाजी टीम में शामिल पदक के दावेदारों पर…

अपूर्वी चंदेला

पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की दस मीटर एअर राइफल प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने वालीं अपूर्वी से भारत को एक बार फिर उस सफलता को दोहराने की उम्मीद होगी। वे रियो की यादों को भी भुलाना चाहेंगी। रियो ओलंपिक में से पहले बेहतरीन लय में नजर आ रही चंदेला ब्राजील में फाइनल के लिए भी क्वालीफाइ नहीं कर पाई थीं और 51 निशानेबाजों में 34 स्थान पर रही थीं। उनका लक्ष्य एक बार फिर भारत को पदक दिलाकर खुद को साबित करना होगा।

हीना सिद्धू

हीना ने दिल्ली में हुए सत्र में दस मीटर एअर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं दस मीटर एअर पिस्टल में रजत पदक भी उनके नाम ही है। इसके बाद वे ग्लासगो में दस मीटर एअर पिस्टल में सातवें स्थान पर रहीं। लंदन ओलंपिक में वे क्वालीफिकेशन राउंड में 12वें स्थान पर रहीं। रियो ओलंपिक में भी उन्होंने निराश किया। फिर उन्होंने अक्तूबर में ब्रिसबेन में हुए राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप में 10 मीटर एअर पिस्टल में में सोना जीता। साथ ही जीतू राय के साथ पिछले विश्व कप में 10 मीटर एअर पिस्टल की टीम स्पर्धा में जीत दर्ज की।

जीतू राय

पिछली बार ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों के 50 मीटर एअर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले दिग्गज निशानेबाज जीतू राय पर इस बार भी भारतीय निशानेबाजी दल की बड़ी उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। जीतू मूल रूप से नेपाल के हैं और उन्होंने 2008 में निशानेबाजी की शुरुआत की। 2006 में जीतू सेना के गोरखा रेजीमेंट से जुड़े। 2014 में म्यूनिख में आइएसएसएफ विश्व कप के दौरान नौ दिन के भीतर जीतू ने तीन पदक जीतकर सनसनी फैला दी। गोल्ड कोस्ट में जीतू 10 मीटर एअर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में हिस्सा ले रहे हैं। 10 मीटर एअर पिस्टल में उनसे पदक की उम्मीद की जा सकती है।

गगन नारंग

भारत के सबसे अनुभवी निशानेबाज गगन नारंग ने पिछले तीनों राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए कई पदक जीते हैं। 2006 और 2010 में नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में चार-चार स्वर्ण पदक जीत चुके गगन नारंग से इस बार भी पदक की उम्मीद होगी। ग्लासगो में नारंग ने एक रजत और एक कांस्य पदक अपनी झोली में डाला था। 2012 में लंदन में हुए ओलंपिक खेलों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच गगन नारंग ने कांस्य पदक जीता था।