फैसले लेने की प्रक्रिया के लिए बोर्ड में मुक्केबाजों को शामिल करना, उनके लिए राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेना अनिवार्य करना ऐसे दो बड़े निर्णय नव गठित भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआइ) की कार्यकारी समिति की बैठक में लिए गए। बीएफआइ अध्यक्ष अजय सिंह की अध्यक्षता वाली बैठक में महासचिव जय कोहली समेत अन्य ने शिरकत की। समिति ने महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए तारीख 19 से 25 नवंबर निर्धारित की, जबकि पुरुषों की प्रतियोगिता के लिए दिसंबर का पहला हफ्ता चुना गया। इसके अलावा कोहली ने समिति में दो मुक्केबाजों को शामिल करने का प्रस्ताव दिया और इसके लिए राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान चुनाव होंगे। बीएफआइ अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि इसका मकसद मुक्केबाजों की बातें रखना और उन्हें मुक्केबाजी को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में शामिल करना है। उन्होंने कहा कि हर राज्य एक मुक्केबाज को नामांकित कर सकता है और मुक्केबाज मतदान दे सकते हैं कि वे राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान किसे चाहते हैं। साथ ही मुक्केबाजों के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेना अनिवार्य होगा और अगर वे ऐसा नहीं कर सकते तो उन पर राष्ट्रीय शिविर से खारिज करने का जोखिम हो सकता है।
कोवली ने कहा कि सभी मुक्केबाजों को राष्ट्रीय शिविर में योग्य होने के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेना अनिवार्य होगा। जब तक कोई बड़ी आपात स्थिति नहीं आती, मुक्केबाजों को राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेना होगा। यह अच्छी प्रतियोगिता सुनिश्चित करने के लिए है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता राष्ट्रीय शिविर में ट्रायल्स के लिए दोगुनी जरूरी हो जाएगी।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन पिछले कुछ वर्षों से भारतीय मुक्केबाजी में चली आ रही उठापटक के कारण नहीं हो पा रहा था लेकिन पिछले महीने ही बीएफआइ का गठन हुआ। बीएफआइ ने अन्य मुद्दों के बीच दावा किया कि रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड और सेना खेल नियंत्रण बोर्ड से हुई समस्या सुलझ गई है।

