बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा ने फिर मानवता को शर्मसार कर दिया है। हत्या, लिंचिंग और महिलाओं के साथ अमानवीय अत्याचार की घटनाओं ने हालात की भयावह तस्वीर पेश की है। इन्हीं घटनाओं पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन और टीवी अभिनेता सौरभ राज जैन ने चिंता जताते हुए कड़ी निंदा की है।

जब किसी महिला को उसके धर्म की वजह से दरिंदगी का शिकार बनाया जाए, बाल काटकर पेड़ से बांधा जाए और उसका वीडियो वायरल किया जाए, तो यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल होता है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे ऐसे ही अत्याचारों ने भारत समेत दुनिया भर में आक्रोश पैदा कर दिया है।

शिखर धवन ने बुधवार सात जनवरी 2026 को बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताई। बाएं हाथ के पूर्व बल्लेबाज ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कानून-व्यवस्था की कमी पर चिंता जाहिर की। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘बांग्लादेश में एक हिंदू विधवा पर हुए क्रूर हमले के बारे में पढ़कर दिल टूट गया। किसी के भी खिलाफ, कहीं भी ऐसी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती। न्याय के लिए प्रार्थना और पीड़ित के लिए समर्थन।’

टीवी अभिनेता सौरभ राज जैन ने इंस्टाग्राम पर कहा, ‘अपने ही देश में अपने ही देशवासियों द्वारा धर्म के आधार पर लोगों की हत्या, इस बर्बरता से ज्यादा दुखद और अमानवीय कुछ नहीं हो सकता। कोई भी धर्म इंसानियत से बड़ा नहीं है, जो लोग ऐसा नहीं सोचते, उन पर शर्म आती है।’

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला

शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़कने के बाद वहां कई हिंदुओं पर हमले किये गए हैं। मंगलवार 6 जनवरी 2026 को एक 25 साल के हिंदू की मौत हो गई। वह चोरी के आरोप लगाने वाली भीड़ से बचने की कोशिश में एक नहर में कूद गया और डूब गया।

समाचार न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों ने भंडारपुर गांव के रहने वाले मिथुन सरकार का पीछा किया। भीड़ को उस पर चोरी का शक था। सोमवार पांच जनवरी 2026 को जेसोर जिले में एक हिंदू व्यवसायी और एक अखबार के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

उसी दिन 40 साल के एक हिंदू (किराना दुकान के मालिक) शरत मणि चक्रवर्ती की भी मौत हो गई। अन्य भयावह घटना में एक हिंदू महिला के साथ कथित तौर पर दो लोगों ने गैंगरेप किया। आरोपियों ने पीड़िता को एक पेड़ से बांध दिया और बाल काट दिए।

महिला की शिकायत के अनुसार, दो लोगों ने कथित तौर पर जबरदस्ती घर में घुसकर उसके साथ रेप किया। आरोपियों ने महिला से 50 हजार टका की मांग भी की। जब उसने मना किया तो उन्होंने कथित तौर पर उसके रिश्तेदारों पर हमला किया और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया।

जब महिला ने शोर मचाने की कोशिश की तो हमलावरों ने उसे एक पेड़ से बांधकर बाल काट दिए। घटना का वीडियो बनाया और इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। पीड़िता को तब तक टॉर्चर किया गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई। बाद में स्थानीय लोग उसे बचाकक अस्पताल ले गए।

जिस दिन महिला के साथ रेप हुआ, उसी दिन एक हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास (50) पर शरीयतपुर में एक भीड़ ने बेरहमी से हमला किया और आग लगा दी। इससे पहले, एक और हिंदू दीपू चंद्र दास को कथित ईशनिंदा के आरोप में मैमनसिंह में पीट-पीटकर मार डाला गया।

भीड़ ने मारने के बाद खोकन चंद्र दास के शव को पेड़ से लटका दिया और आग लगा दी। एक और हिंदू अमृत मंडल को जबरन वसूली के आरोपों पर भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। उसी महीने बांग्लादेश के मैमनसिंह में हिंदू कपड़ा फैक्ट्री मजदूर बजेंद्र विश्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई।