Asian Games 2018 India Medal Tally, Medal Table, India in Asian Games 2018 Medal Tally, Table, एशियाई गेम्स २०१८ मैडल टैली: भारत के युवा मुक्केबाज 22 साल के अमित पंघल ने 18वें एशियाई खेलों में उम्मीदों को पूरा करते हुए पुरुषों की 49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। राष्ट्रमंडल खेलों में रजत जीतने वाले अमित ने खेलों के 14वें दिन शनिवार को रियो ओलम्पिक-2016 के रजत पदक विजेता उज्बेकिस्तान के हसनबॉय दुसामाटोव को बेहद रोचक और कड़े मुकाबले में 3-2 से मात देकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता।
अमित ने सेमीफाइनल में जिस तरह का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी उसके बाद उनसे स्वर्ण की ही उम्मीद थी। अमित ने उम्मीदों को ध्वस्त नहीं किया और सोने का तमगा अपने गले में डाला। अमित ने शुरुआत अच्छी की। वह पहले राउंड में ओपन गार्ड के साथ उतरे। उनके विपक्षी भी आक्रामक थे और इसी कारण अमित ने हसन से एक तय दूरी बनाए रखी जिससे ओलम्पिक पदक विजेता के पंच चूक गए। एक बार हसन क्लींच के दौरान गिर भी पड़े। वहीं अमित के पंच भी मिस हुए।
दूसरे राउंड में आते ही अमित ने लेफ्ट जैब और राइट हुक के दो संयोजन एक साथ इस्तेमाल कर अंक बटोरे। दूसरे राउंड में हसन का आत्मविश्वास अमित के पंचों के सामने डोलता दिख रहा था। वह पंच लगा रहे थे लेकिन वो चूक रहे थे। अमित ने डिफेंस के साथ मौका पाते ही काउंटर करने की रणनीति अपनाई। हसन ने भी इस नीति को भांपते हुए कुछ अच्छे हुक और जैब लगाए जो सटीक रहे। तीसरे राउंड में दोनों खिलाड़ियों आक्रामक थे। दोनों ने कुछ अच्छे पंच लगाए और बॉडी अटैक किया। यह राउंड बराबरी का हुआ क्योंकि अमित और हसन दोनों के पंच लगे भी तो मिस भी हुए। अंत में पांच में से तीन रेफरियों ने अमित को विजेता माना।
हॉकी में कांसा: गत चैम्पियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने तीसरे स्थान के मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 2-1 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया। टूर्नामेंट में शीर्ष रैंकिंग वाली भारतीय टीम को इसके जीत का दावेदार माना जा रहा था लेकिन सेमीफाइनल में मलेशिया से हार के बाद तीसरे स्थान के लिए उसका सामना पाकिस्तान से हुआ।
आकाशदीप सिंह ने मैच के तीसरे मिनट में ही गोलकर भारत का खाता खोला। हरमनप्रीत सिंह ने मैच के 50वें मिनट में गोल कर भारतीय बढ़त को दोगुना कर दिया। पाकिस्तान के लिए इकलौता गोल मुहम्मद आतिक ने किया। दोनों टीमों के लिए सेमीफाइनल में हार लंबे समय तक याद रहेगी क्योंकि टूर्नामेंट को जीतने वाली टीम सीधे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करेगी।
भारतीय खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों के 18वें संस्करण में दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल 15 स्वर्ण पदक अपने नाम किए। यह इस महाद्वीपीय खेल महाकुम्भ में भारत का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। 1951 में भी भारत ने इतने ही स्वर्ण जीते थे। एशियाई खेलों का 18वां संस्करण भारत के लिए इसलिए भी यादगार रहेगा क्योंकि भारतीय खिलाड़ियों ने बीते सभी संस्करणों की तुलना में इस बार अपने लिए सबसे अधिक पदक हासिल किए।


आकाशदीप सिंह और हरमनप्रीत सिंह के गोलों की बदौलत भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शनिवार को पाकिस्तान को 2-1 से हराकर 18वें एशियाई खेलों में कांस्य पदक अपने नाम किया। चार साल पहले स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम ने एशियाई खेलों में तीसरी बार कांस्य पदक जीता है। सेमीफाइनल में भारत को मलेशिया से और पाकिस्तान को जापान से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के कारण दोनों टीमों कांस्य पदक के मुकाबले में एक-दूसरे के खिलाफ उतरना पड़ा, जहां भारत ने बाजी मारी। भारतीय टीम के लिए आकाशदीप सिंह ने तीसरे और हरमनप्रीत ने 50वें मिनट में गोल दागे। वहीं मोहम्म्द अतीक ने 52वें मिनट में पाकिस्तान के लिए एकमात्र गोल किया।
जकार्ता में जारी 18वें एशियाई खेलों की घुड़सवारी की पुरुषों की एकल स्पर्धा में रजत पदक जीत 36 साल का सूखा खत्म करने वाले भारत के घुड़सवार फवाद मिर्जा अपनी ऐतिहासिक सफलता से बेहद खुश हैं, लेकिन उन्हें साथ ही अफसोस है कि वह स्वर्ण से चूक गए। फवाद को स्वर्ण न मिलने का इतना मलाल रहा कि कुछ दिन वह ठीक से सो नहीं पाए लेकिन फिर उन्होंने अपने मन को समझाया और अब उनका ध्यान और ज्यादा मेहनत कर पदक का रंग बदलने और ओलम्पिक में देश का प्रतिनिधित्व करने और पदक जीतने पर है।
भारतीय महिला स्क्वॉश टीम को स्पर्धा में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हांगकांग ने शनिवार को हुए फाइनल मुकाबले में भारत को 2-0 से शिकस्त दी। फाइनल में हांगकांग की विंग अयू, हो चान, जी हो और का ली की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।
चीन के गैंग चेन और लिशिन यांग को रजत जबकि इंडोनेशिया के हेंकी लासूत और फ्रेडी ईडी मानोप्पो की जोड़ी को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। भारत का यह इन खेलों में 15वां स्वर्ण है। इसी के साथ भारत ने 1951 में दिल्ली में खेले गए पहले एशियाई खेलों में जीते गए 15 स्वर्ण पदक की बराबरी कर ली है।
भारत के प्रणब बर्धन और शिभनाथ सरकार ने पुरुषों की युगल स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। 60 साल के प्रणब और 56 साल के शिभनाथ सरकार की जोड़ी 384 अंक हासिल करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
भारत के मुक्केबाज अमित पंघल यहां जारी 18वें एशियाई खेलों के 14वें दिन शनिवार को पुरुषों की 49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे हैं।
18 साल की हिमा ने आईएएएफ विश्व अंडर-20 चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचा था। एशियाई खेलों में भी उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद थी और वह इसकी दावेदार भी थीं। लेकिन सेमीफाइनल में उनके फाउल होने के कारण भारत के पदक जीतने की उम्मीदों को झटका लगा।
जकार्ता में 18वें एशियाई खेलों में दो पदक जीतने वाली भारतीय महिला एथलीट दुती चंद ने कहा है कि 200 मीटर रेस में हिमा दास के फाउल होने से वह बहुत दुखी हो गई थीं। दुती ने 200 मीटर के फाइनल में 23.20 सेकेंड और 100 मीटर के फाइनल में 11.32 सेकेंड के समय लेकर रजत पदक अपने नाम किया था। 22 वर्षीय दुती पहली भारतीय महिला एथलीट बन गई हैं जिन्होंने बीते 32 वर्षो में पहली बार एशियाई खेलों के 100 और 200 मीटर रेस में पदक जीता है। इससे पहले उड़नपरी पीटी ऊषा ने 1986 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
चीन के सोंग जिंग और कियांग ली ने 36.940 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण जीता। उज्बेकिस्तान के आर्थर गुइलेव और इर्योजोन मामादालिएव ने 37.080 अंकों के साथ रजत पदक जीता। स्पर्धा का कांस्य कजाकिस्तान के मेरेय मेडेटोव और तिमुर खाइडारोव के नाम रहा जिन्होंने 37.371 अंक हासिल किए।
भारत के प्रकांत शर्मा और जेम्सबॉय सिंह ने कनोए स्पर्धा के फाइनल में निराशाजनक प्रदर्शन किया है। भारतीय जोड़ी 41.152 अंकों के साथ नौवें स्थान पर रही।
इससे पहले भारत ने दिन की शुरुआत अच्छी की थी और अंतिम-16 के मैच में पड़ोसी देश नेपाल को 4-1 से हराया था।
जूडो में भारत की मिश्रित टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। भारत ने क्वार्टर फाइनल में नेपाल को एकतरफा मुकाबले में 4-1 से मात देकर अंतिम आठ में प्रवेश किया। भारत क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान से भिड़ेगा।
नई दिल्ली में 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण और 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले अनुभवी भारतीय मुक्केबाज मनोज कुमार ने 18वें एशियाई खेलों के प्री-क्वार्टर फाइनल में मिली हार की वजह लगातार टूर्नामेंटों में भाग लेने के कारण आराम न मिलने को बताया है। 32 साल के मनोज को पुरुषों की 69 किलोग्राम (वेल्टर वेट) स्पर्धा के प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। किर्गिस्तान के अब्दुरखमन अब्दुरखमानोव ने मनोज को 5-0 से हराया था।
भारत के लिए 18वें एशियाई खेलों का 13वां दिन मिलाजुला रहा। भारत के हिस्से कोई स्वर्ण पदक तो नहीं आया लेकिन रजत और कांस्य पदक जरूर आए। मुक्केबाज अमित पंघल ने पुरुषों की 49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा के फाइनल में जगह बना कर स्वर्ण की उम्मीदों को जिंदा रखा, लेकिन महिला हॉकी टीम की फाइनल में हार बड़ा झटका रही। हॉकी में स्वर्ण के बजाए रजत से संतुष्ट होने के अलावा मुक्केबाजी की 75 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में विकास कृष्ण के चोट के कारण सेमीफाइनल नहीं खेलने से निराशा हुई। चोट के कारण स्वर्ण पदक का यह प्रबल दावेदार कांसे तक सीमित रह गया।
भारतीय महिला हॉकी टीम को फाइनल में जापान के हाथों 1-2 से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। जापान के लिए शिहोरी ओइकावा ने 11वें और मोतोमी कावामुरा ने 44वें मिनट में गोल किए। वहीं भारतीय टीम के लिए नेहाल गोयल ने 25वें मिनट में एकमात्र गोल किया। इस हार के साथ ही भारतीय महिला टीम एशियाई खेलों में 36 साल बाद दूसरा स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं। भारत ने 1982 में नई दिल्ली में हुए नौवें एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था। स्वर्ण से चूकने के कारण भारतीय महिला टीम को टोक्यो ओलम्पिक-2020 का टिकट भी गंवाना पड़ा। टोक्यो ओलम्पिक खेलने के लिए भारतीय टीम को अब क्वालिफाइंग मैच खेलने होंगे।
इंडोनेशिया के जकार्ता में 18वें एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाले भारतीय तीरंदाज अमन सैनी का शुक्रवार को उनके घर नांगलोई पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। 21 वर्षीय अमन ने पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था और पदार्पण के साथ ही उन्होंने रजत पदक हासिल किया। अमन ने तीरंदाजी में पुरुषों की कंपाउंड टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। इस स्पर्धा में रजत चौहान, अमन और अभिषेक वर्मा की टीम को फाइनल में शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया से हार मिली और ऐसे में भारतीय टीम ने रजत पदक पर कब्जा जमाया। भारतीय तीरंदाज अमन शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे पीरागढ़ी मेट्रो स्टेशन पहुंचे, जहां ढोल बाजों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। अमन को लेने के लिए यहां उनके रिश्तेदार, दोस्त और परिजन मौजूद थे। इस अवसर पर उन्हें पीरागढ़ी से नांगलोई तक ढोल नगाड़ों के साथ गाड़ी में ले जाया गया।