साल 2023 (New Year 2023) की शुरुआत हो चुकी है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने इस साल के अंत तक 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। बेरोजगारी (Unemployment) की समस्या से निपटने के लिए मोदी सरकार (Modi Government) ने जून 2022 में सेंट्रल गवर्नमेंट (Central Government) के अधीन आने वाले विभागों में रिक्त पड़े 10 लाख पदों को भरने की घोषणा की थी।

सरकार ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पांच प्‍वाइंट का प्‍लान भी बनाया है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने अक्‍टूबर में पहला ‘रोजगार मेला’ आयोजित किया था। तब प्रधानमंत्री मोदी ने 75,000 नौजवानों को नियुक्ति पत्र दिया था।

दिसंबर 2022 में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया था कि रिक्तियों को मिशन मोड में भरा जा रहा है। रोजगार मेला के तहत अभी तक केंद्र सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बैंकों आदि में लगभग 1,47 लाख नई नियुक्तियां की हैं।

केंद्र सरकार ने सभी विभागों और मंत्रालयों को कर्मचारियों के रिटायरमेंट (Retirement) के कारण खाली होने वाली सीटों की जानकारी पहले से देने का निर्देश दिया है, ताकि रिक्तियों को समय से भरा जा सके।

बता दें कि पिछले साल जून में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा था कि “सभी मंत्रालयों ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि जल्द से जल्द लक्ष्य हासिल किया जा सके। सशस्त्र बलों की अग्निपथ योजना के माध्यम से सृजित की जाने वाली 46,000 नौकरियां भी इन दस लाख नौकरियों का हिस्सा होंगी।”

2022 के लिए किये वादों का क्या हुआ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि साल 2022 तक सभी भारतीयों के पास अपना घर होगा। पीएम ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने, बुलेट ट्रेन चलाने, अर्थव्यवस्था दोगुनी करने, 24 घंटे सातों दिन बिजली की उपलब्धता, आदि का वादा किया था।

प्रधानमंत्री ने 20 सितंबर 2018 को कहा था कि साल 2022 तक भारत की अर्थव्यवस्था दोगुनी होकर 5 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। 2022 बीत चुका है और भारत की जीडीपी 3.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक ही पहुंच पायी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में ही कह दिया था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। लेकिन सरकार ने अब तक यह आंकड़ा नहीं दिया कि 2016 पहले किसान कितना कमाते थे और अब कितना कमा रहे हैं। हालांकि इस बीच कृषि बजट कम जरूर किया गया है। साथ ही खेती करने वालों की संख्या भी कम हुई है।

2022 तक सभी भारतीयों को घर देने का भी वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। आवास मंत्रालय के आंकड़ों से ही पता चलता है कि शहरी आवास योजना के तहत 1.22 करोड़ घर स्वीकृत हैं, जिनमें से केवल 67 लाख घर बनाए गए हैं। 2022 के लिए किए वादों की मौजूदा स्थिति जानने के लिए यहां क्लिक करें