भाजपा ने मंगलवार को नितिन नबीन को अध्यक्ष के रूप में घोषित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें माला पहनाकर उनका स्वागत किया। नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के साथ जेपी नड्डा का कार्यकाल पूरा हो गया। नितिन नबीन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।
सोमवार को नितिन नबीन ने इकलौता नामांकन किया था जिसके बाद वे निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। ऐसे में ये जानना भी जरूरी है आखिर भाजपा में अध्यक्ष पद का चुनाव कैसे होता है…
कैसे होता भाजपा में अध्यक्ष पद का चुनाव?
भाजपा अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पार्टी के स्थापित संगठनात्मक मार्ग का अनुसरण करती है। इसका आरंभ भाजपा की सदस्यता अभियान से ही हो जाता है, इसके बाद पहले स्थानीय समितियों के चुनाव होते हैं और फिर क्रमानुसार मंडल, जिला, क्षेत्रीय और राज्य समितियों के चुनाव होते हैं।
हर एक स्तर पर निर्वाचित अध्यक्ष अपने पदाधिकारियों की टीम को चुनता है। कम से कम आधे राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरा होने के बाद पार्टी की पुरानी परंपरा के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है। फिर नए राष्ट्रीय अध्यक्ष अपनी टीम का गठन करते हैं।
सोमवार को अपने एक बयान में भाजपा के राष्ट्रीय रिटर्निंग ऑफिसर के.लक्ष्मण ने बताया कि 36 राज्यों में से 30 राज्यों के अध्यक्षों के चुनाव के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई, जो कि जरूरी संख्या से कहीं अधिक है, यानी न्यूनतम 50% राज्यों का चुनाव पूरा हो चुका है।”
भाजपा के संविधान और नियम की धारा 19 में अध्यक्ष के चुनाव के प्रावधान बताए गए हैं। इस पद के लिए चुनाव पार्टी के कार्यकारिणी के बनाए गए नियमों के अंतर्गत होता है। इसके पहले राष्ट्रीय और प्रदेश परिषदों के सदस्यों का इलेक्टोरल कॉलेज बनता है। यह इलेक्टोरल कॉलेज राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करती है।
1980 से लेकर अबतक है परंपरा
भाजपा की परंपरा के मुताबिक, नितिन नबीन की पदोन्नति भी निर्विरोध हुई, 1980 में अपनी स्थापना के बाद बीजेपी के संविधान में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के प्रावधान होने के बावजूद पार्टी में कभी इस पद के लिए मुकाबला नहीं हुआ। हर बार केवल एक ही उम्मीदवार ने नामांकन किया और वह निर्विरोध चुना गया है।
अध्यक्ष बनने के लिए योग्यता
भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए व्यक्ति कम से कम 15 साल तक भाजपा का सदस्य हो। साथ ही इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्य उसके प्रस्तावक हों।
क्या है चुनावी प्रक्रिया?
व्यक्ति को पहले नॉमिनेशन फॉर्म भरना होता है। फिर इसके बाद वोटिंग होती है और दिल्ली में बैलेट बॉक्स की काउंटिंग होती है। हालांकि भाजपा को अभी तक वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ी है क्योंकि उसने हमेशा निर्विरोध अध्यक्ष चुना है।
कितनी बार एक व्यक्ति बन सकता है अध्यक्ष?
भाजपा के संविधान नियम के मुताबिक कोई पात्र सदस्य लगातार दो बार अध्यक्ष बन सकता है। बता दें कि भाजपा के अध्यक्ष पद की अवधि 3 साल है। आगे पढ़िए अध्यक्ष बनते ही नितिन नबीन ने क्या-क्या कहा
