वेनेजुएला पर अमेरिका ने कार्रवाई की और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया। दोनों को न्यूयॉर्क के एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। अब वेनेजुएला के एक टॉप अधिकारी ने रविवार को घोषणा की कि देश की सरकार राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पीछे एकजुट रहेगी। सोमवार को मादुरो को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तारी को वेनेजुएला ने बताया किडनैपिंग
इससे पहले अमेरिकी कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो को हटाने का आदेश दिया और कहा कि अमेरिका वेनेजुएला पर कंट्रोल कर लेगा। लेकिन वेनेजुएला में मादुरो सरकार के टॉप अधिकारी ने मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी को किडनैपिंग बताया है।
रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार वेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने रविवार को सत्ताधारी PSUV सोशलिस्ट पार्टी द्वारा शेयर किए गए एक ऑडियो में कहा, “यहां क्रांतिकारी ताकत की एकता पूरी तरह से पक्की है, और यहां सिर्फ़ एक राष्ट्रपति हैं, जिनका नाम निकोलस मादुरो मोरोस है। दुश्मन की उकसावे वाली बातों में कोई न आए। लोग शांति बनाए रखें।”
मादुरो की तस्वीर से लोग हैरान
बता दें कि शनिवार को 63 साल के मादुरो की आंखों पर पट्टी बंधी और हथकड़ी लगी हुई तस्वीरें देखकर वेनेजुएला के लोग हैरान रह गए। यह कार्रवाई 37 साल पहले पनामा पर हमले के बाद से लैटिन अमेरिका में यूएस की बड़ी कार्रवाई है। वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज तेल मंत्री भी हैं। उन्होंने वेनेजुएला की टॉप कोर्ट के आशीर्वाद से अंतरिम नेता के रूप में पदभार संभाला है। हालांकि उन्होंने कहा है कि मादुरो अभी भी राष्ट्रपति हैं।
30 मिनट के अंदर अमेरिका ने अंजाम दिया ऑपरेशन
बता दें कि महज 30 मिनट के अंदर अमेरिका ने इतना बड़ा ऑपरेशन अंजाम देने का दावा किया और देश के राष्ट्रपति को पकड़ लिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस मिशन का नाम ‘Absolute Resolve’ बताया जा रहा है। कई महीनो से अमेरिकी सेना धीरे-धीरे वेनेजुएला के तट के आसपास अपनी मौजूदगी बढ़ा रही थी, जबकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां राष्ट्रपति मादुरो की दिनचर्या पर लगातार नजर बनाए हुए थीं। पढ़ें कैसे वेनेजुएला टू अमेरिका लाए गए निकोलस मादुरो?
