अमेरिका ने रविवार तड़के वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को काराकस में स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस पर न्यूयॉर्क में मादक पदार्थ-आतंकवाद के आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सेन एगुइलेरा ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान की सोमवार को कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अपराधिक और आतंकी कृत्य बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई के जरिये संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया गया है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में एगुइलेरा ने कहा कि कोई अकेला देश अमेरिका को ऐसे एकतरफा कदम उठाने से रोक नहीं सकता। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका के पागलपन का सामना करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। राजदूत ने कहा, “मेरे विचार में, अमेरिकी सैन्य आक्रमण वेनेजुएला के खिलाफ एक अपराध है। यह एक आतंकी कृत्य है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून में निहित सभी सिद्धांतों का उल्लंघन है। यह एक संप्रभु देश के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई है।”

क्यूबा के राजदूत बोले- कोई भी अकेले अमेरिका को रोक नहीं सकता

क्यूबा के राजदूत ने अमेरिकी शुल्क युद्ध, ईरान को धमकियां और सैन्य हमलों का उल्लेख करते हुए वैश्विक एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्हों ने कहा, “मुझे लगता है कि कोई भी अकेले अमेरिका को रोक नहीं सकता, न ही रोक पाएगा। सभी को एक साथ आना चाहिए। यह एकता का समय है।” उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्रवाई से दुनिया को एक खतरनाक संकेत मिला है।

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दुनिया को भारत की आवश्यकता- क्यूबा के राजदूत

क्यूबा के राजदूत ने वैश्विक भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भारत की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि दुनिया को भारत की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ी शक्ति के रूप में जरूरी संतुलन बना सकता है और सभी देशों के लिए एक स्थिर भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। राजदूत ने कहा, “मुझे पूरा यकीन है कि ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत की भूमिका भविष्य में लगातार मजबूत होती जाएगी। हमें भारत की आवश्यकता है ताकि हम वह संतुलन बना सकें जो दुनिया को चाहिए।”

श्रीलंका ने संयुक्त राष्ट्र से किया आग्रह

वहीं, दूसरी ओर श्रीलंका ने संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि वह अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा, कल्याण और उनके संप्रभु अधिकारों को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण समाधान निकालने की दिशा में काम करे। श्रीलंका के विदेश मंत्रालय द्वारा सोमवार को यहां जारी एक बयान में कहा गया, “यह महत्वपूर्ण है कि संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसे उसके निकाय इस मामले पर संज्ञान लें और वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा, कल्याण एव संप्रभु अधिकारों को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम करें।’’

बयान में कहा गया कि श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान करने की आवश्यकता पर बल देता है, जैसे बल प्रयोग पर रोक, हस्तक्षेप न करना, अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान तथा राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता।

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