Bangladesh News: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान को बीएनपी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। तारिक रहमान ने शनिवार को अध्यक्ष पद संभालने के बाद कहा कि देश के लिए 5 अगस्त, 2024 को शेख हसीना की सरकार गिरने से पहले मौजूद राजनीतिक माहौल में वापस लौटने का कोई कारण नहीं है।

12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से कुछ हफ्ते पहले बोलते हुए रहमान ने यह भी दावा किया कि अगर बीएनपी अगली सरकार बनाती है तो वह बांग्लादेश को सही दिशा में ले जाएगी। 60 साल की उम्र में वह पीएम पद के प्रबल दावेदारों में से एक बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा, “हमने पहले भी समस्याओं का सामना किया था और अब भी कर रहे हैं। लेकिन 5 अगस्त से पहले के दौर में लौटने का कोई कारण नहीं है।”

तारिक रहमान ने संवाद पर दिया जोर

संवाद पर जोर देते हुए खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने कहा कि समाज में मतभेदों को टकराव के बजाय बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। रहमान ने कहा कि अगर बीएनपी सत्ता में आती है तो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और जवाबदेही को जारी रखना उनके नेतृत्व का मुख्य आधार होगा। बांग्लादेश के इतिहास के प्रमुख क्षणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 1971 के मुक्ति संग्राम, इरशाद शासन के खिलाफ 1990 के जन आंदोलन और 5 अगस्त के विद्रोह के आदर्शों को देश के भविष्य का मार्गदर्शक होना चाहिए।

ये भी पढ़ें: ‘मुसलमान, हिंदू, बौद्ध और ईसाई…’, बांग्लादेश में खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने की एकता की बात

उन्होंने कहा, “अगर हम इन पलों को ध्यान में रखें, तो मुझे पूरा विश्वास है कि हम बांग्लादेश को सही दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं।” लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए रहमान ने कहा कि सार्थक परिवर्तन केवल सतत लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा, “कई बाधाएं आ सकती हैं और यह बेहद मुश्किल हो सकता है, लेकिन यदि जवाबदेही और लोकतंत्र को लंबे समय तक बनाए रखा जाए, तो परिवर्तन जरूर आएगा।”

तारिक रहमान बने बीएनपी के अध्यक्ष

हसीना और उनकी अवामी लीग के अब राजनीति से बाहर हो जाने के बाद, रहमान की बीएनपी सबसे आगे है और उसकी कभी खास सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी बन गई है। शुक्रवार देर रात बीएनपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय नेता बेगम खालिदा जिया के निधन के बाद, पार्टी अध्यक्ष का पद रिक्त हो गया था। बीएनपी संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई।” इसमें आगे कहा गया, “बैठक में, तारिक रहमान को सर्वसम्मति से रिक्त पद पर नियुक्त किया गया और उन्हें औपचारिक रूप से बीएनपी के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई।”

ये भी पढ़ें: कौन हैं तारिक रहमान? 17 साल बाद लौटे ढाका, पिता की हुई थी हत्या