ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एक पीएचडी छात्र को जमानत देने से इनकार कर दिया। छात्र पर आरोप है कि वह ऑस्ट्रेलिया दिवस पर गोल्ड कोस्ट में आतंकी हमले में मोलोटोव कॉकटेल का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा था।
सीएसआईआरओ में काम करने वाले पीएचडी छात्र सेपेहर सरयाजदी को गुरुवार को ब्रिस्बेन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने सेपेहर पर आतंकी हमले की प्लानिंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
ऐसे पकड़ा गया युवक
एबीसी न्यूज के मुताबिक, कोर्ट को पुलिस ने बताया कि 24 वर्षीय युवक के बारे में उन्हें तब पता चला जब उसने कथित तौर पर कुछ ऑनलाइन पोस्ट किया और किसी ने काउंटर टेरिज्म ऑफिसर्स को इसकी जानकारी दे दी।
50 लोगों से साथ जुड़ा था आरोपी
कॉमनवेल्थ प्रॉसिक्यूटर एली मैक्डोनाल्ड ने कोर्ट को बताया कि कथित अपराध 50 से अधिक लोगों वाले एक निजी समूह के भीतर फेसबुक मैसेंजर चैट से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, “आरोपी ने ऑस्ट्रेलिया दिवस पर गोल्ड कोस्ट में दंगा भड़काने की योजना बनाई थी और उन योजनाओं में मोलोटोव कॉकटेल का इस्तेमाल शामिल था, जिसके लिए उसने आपूर्ति और उपकरण खरीद लिए थे।”
आरोपी ने लोगों को भड़काया भी
मैक्डोनाल्ड ने कोर्ट से कहा कि आरोपी ने ऐसा करने के लिए कुछ लोगों को भी भड़काया था। उन्होंने कहा, आरोपी ने कहा, ‘मैं 26 जनवरी को गोल्ड कोस्ट दंगों की अगुवाई करूंगा। अगर आप सभी मेलबर्न में किसी को जानते हैं, तो उन्हें बता दें ताकि वे पहले से ही वोदका की बोतलें खरीदकर बड़ी मात्रा में इकट्ठा कर लें।’
मैक्डोनाल्ड ने आगे कोर्ट से कहा कि आरोपी ने यह भी कहा, ‘अगर आपको गिरफ्तार किया जाता है, तो सबसे अहम बात है शांत और संयमित रहना, पूछताछ के दौरान उन्हें याद दिलाएं कि आपने जो किया वह इस देश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए पूरी तरह से सही है।’
मरने से पहले थी कुछ इच्छाएं
एक अन्य पोस्ट में कोर्ट को बताया गया कि आरोपी छात्र ने कहा, ’26 जनवरी को जंग का मैदान छोड़ने से पहले, अगर मैं मर जाऊं तो मेरी कुछ इच्छाएं हैं।’ मैकडोनाल्ड ने कहा, “प्रतिवादी ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार और समाज के लिए अपनी उन इच्छाओं की जानकारी भी दी।”
छात्र ने कथित तौर पर समूह से यह भी कहा, “मैं कल्पना कर रहा हूँ कि जैसे ही हम सरकार को उखाड़ फेंकने में कामयाब होंगे, एएसआईओ (ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन)… या तो मुझे जान से मारने की कोशिश करेंगे या मुझे झुकने को मजबूर करेंगे।”
बंदूक की ट्रेनिंग लेने को भी कहा
मैकडोनाल्ड ने कोर्ट को यह भी बताया कि उसने कथित समूह से बंदूक चलाने की ट्रेनिंग लेने को भी कहा और एएसआईओ और सुरक्षाबलों के साथ नौकरी करने को कहा जिससे वह आतंरिक तौर पर देश को नुकसान पहुंचा सके।
उन्होंने आगे कहा, “हाल ही में जो कुछ हुआ है, उसकी विशेष परिस्थितियों को देखते हुए यह निश्चित रूप से बहुत चिंताजनक है।” उन्होंने आरोपी की जमानत की विरोध किया और तर्क दिया कि अगर वह छूट जाता है को समाज के लिए खतरा पैदा करेगा।
उन्होंने कहा, “इसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए, ऐसी कोई भी स्थिति नहीं है जो ऐसे व्यक्ति को राहत दिया जाए जो अपनी विचारधारा के लिए में मरने तक के लिए भी तैयार है।”
बचाव पक्ष ने दी ये दलील
इधर छात्र की ओर से पेश हुए वकील हेलेन शिल्टन ने कोर्ट से कहा कि वह एक पढ़ने वाला छात्र है, जो सिडनी से ब्रिस्बन आया था ताकि सीएसआईआरओ के साथ वह काम कर सके।
आगे उन्होंने छात्र के बचाव में कहा,” वह यहां कुछ लोगों के संपर्क में आ गया और उनके विचारों से प्रभावित हो गया था।”
हेलेन शिल्टन ने कोर्ट को बताया कि छात्र को वैश्विक राजनीति में रुचि थी इसलिए वह “कई वीडियो और विरोध प्रदर्शन देख रहा था और उसे देख वह “भावनात्मक रूप से प्रभावित हो गया था।
उन्होंने कहा, “उसे (आरोपी को) लगा कि उन्हें कुछ करना चाहिए और दुनिया और सरकार जिस दिशा में जा रही है, उस पर ध्यान दिलाना चाहिए। उसका इरादा कभी किसी को चोट पहुँचाने का नहीं था।”
कोर्ट ने माना आरोपी के इरादे खतरनाक
दोनों पक्षों को सुनने के बाद मजिस्ट्रेट पेनेलोप हे ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी और कहा कि छात्र ने अपने विचारों को खुलकर स्वीकार किया, जिसमें यह भी शामिल था कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार सत्तावादी है और वे इसे साइबरनेटिक्स सरकार से बदलना चाहते हैं। उन्होंने पाया कि आरोपी के इरादे से कई लोगों को गंभीर चोट लगने का खतरा बहुत अधिक था और यह खतरनाक है। आगे पढ़िए ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय शोक दिवस के दिन गोलीबारी, दो महिलाओं समेत एक पुरुष की मौत
