पाकिस्तान ने कहा है कि काबुल विश्वविद्यालय हमलावरों और सीमा के इस तरफ के लोगों के बीच टेलीफोन पर हुए संपर्कों का कोई ‘तकनीकि सुराग’ नहीं मिल सकता है। साथ ही पाकिस्तान ने अफगान सरकार से और अधिक साक्ष्य देने को कहा है। अफगानिस्तान ने आतंकवादियों पर काबुल में अमेरिकी विश्वविद्यालय पर हमला करने के लिए पाकिस्तानी धरती का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। हमले में बुधवार (24 अगस्त) को आठ छात्रों सहित 16 लोग मारे गये थे और 50 लोग घायल हुए थे। डॉन समाचारपत्र ने शु्क्रवार (26 अगस्त) को खबर दी है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने गुरुवार (25 अगस्त) को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ को फोन किया और हमलावारों के साथियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया। हालांकि, जनरल शरीफ ने अफगान नेता से कहा कि हमलावरों के साथ पाकिस्तान में आतंकवादियों के साथ टेलीफोन पर बातचीत को साबित करने वाला कोई ‘तकनीकी सुराग’ नहीं है।

जनरल शरीफ ने गनी को हमले में पाकिस्तान स्थित तत्वों की भूमिका को लेकर जांच में ‘सभी तरह का सहयोग’ करने का आश्वासन दिया लेकिन जोर देकर कहा कि लेकिन यह तभी संभव है जब अफगानिस्तान ‘और अधिक सूचना’ मुहैया कराएगा। अफगानिस्तान सरकार ने तीन मोबाइल फोन नंबर के बारे में जानकारी साझा की है जो कथित तौर पर सीमा के भीतर पाकिस्तान से संचालित किए जा रहे थे। दावा किया गया है कि इन नंबरों से हमलावरों के साथ संपर्क किया गया था। बाद में, पाकिस्तान सेना ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए चमन के पास पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा के पास तलाशी अभियान शुरू किया है। सूत्रों ने बताया, ‘हमने तलाशी शुरू की है लेकिन अभियान के दौरान कोई भी नहीं मिला।’