पिछले दो हफ्तों से लगातार विरोध प्रदर्शनों से जूझ रहे ईरान में अब एक बड़ी घटना होने जा रही है। 26 साल के ईरानी नागरिक इरफान सुल्तानी को ईरानी सरकार फांसी पर लटकाने जा रही है। इरफान को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में ले लिया गया था।

ईरान के फरदिस शहर में रहने वाले इरफान को कराज शहर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पिछले सप्ताह ही गिरफ्तार किया गया था। उनके एक रिश्तेदार ने बीबीसी को बताया कि इरफान को फांसी देने की प्रक्रिया बहुत जल्दबाजी में की गई।

इरफान के परिवार के करीबी सूत्रों का कहना है कि इरफान को 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और बिना कोई मुकदमा चलाए ही मौत की सजा सुना दी गई।

परिवार को सोमवार को बताया गया कि बुधवार को उसे फांसी दे दी जाएगी जबकि इरफान पर क्या आरोप लगे हैं, इसे लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। परिवार से कहा गया कि वे उससे एक बार मिल सकते हैं, वह भी सिर्फ 10 मिनट के लिए।

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परिवार को दी गई धमकी

खामेनेई के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच फांसी की सजा पाने वाले इरफान पहले व्यक्ति होंगे। सुल्तानी के परिवार को किसी से भी बात न करने की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने धमकी दी है कि यदि उन्होंने ऐसा किया तो परिवार के और लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इरफान के परिवार के एक करीबी सूत्र ने IranWire से बात करते हुए बताया कि उनके परिवार पर बहुत दबाव है, जब उनके एक रिश्तेदार ने इरफान का केस लड़ने की कोशिश की तो उन्हें धमकाया गया। इरफान की सजा मोहरेबेह (ईश्वर के विरुद्ध शत्रुता) है, यह अंतिम है और इसे लागू किया जाएगा।

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ट्रंप ने तेहरान को चेताया

इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को सख्त चेतावनी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने सीबीएस न्यूज से कहा कि अगर ईरान ऐसा करता है तो अमेरिका बहुत सख्त कार्रवाई करेगा। मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से कहा था कि उन्हें अपना प्रदर्शन जारी रखना चाहिए और उनके लिए मदद आ रही है।

इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद

ईरान में महंगाई के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। पूरे देश भर के कई शहरों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार को कई जगहों पर इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं को बंद करना पड़ा है।

अमेरिका की मानवाधिकार संस्था ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज़ एजेंसी’ ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ईरानी प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई में अब तक 2571 लोग मारे जा चुके हैं। इनमें 147 सरकारी कर्मचारी और 12 बच्चे भी शामिल हैं।

संस्था ने कहा है कि इस दौरान 18 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया गया है क्योंकि ईरान में इंटरनेट बंद कर दिया गया है, इससे वहां की सही खबरें दुनिया तक नहीं पहुंच पा रही हैं।

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