ईरान में पिछले दिनों हुए जबरदस्त विरोध-प्रदर्शनों के बाद देश के सुप्रीम धार्मिक लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई अंडरग्राउंड हो गए हैं। ईरान में विरोध-प्रदर्शनों में ‘कई हजार’ लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए।

महंगाई, खराब अर्थव्यवस्था जैसी तमाम समस्याओं से जूझ रहे ईरान को इन प्रदर्शनों के बाद और धक्का लगा है।

ऐसी आशंका थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। खामेनेई को अभी भी इस बात का डर हो सकता है कि अमेरिका उन्हें निशाना बना सकता है।

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डोनाल्ड ट्रंप को बताया था अपराधी

खामेनेई ने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपराधी बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रदर्शनकारियों को उकसाया गया और इसी वजह से ईरान में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की।

विरोध प्रदर्शनों के दौरान खामेनेई ने सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती करने की छूट दी थी। हालात इस कदर बिगड़ गए थे कि कई दिन तक ईरान में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाओं को बंद करना पड़ा था। इस वजह से ईरान में लोग खामेनेई से और नाराज हो गए हैं।

सवाल यह उठ रहा है कि क्या आने वाले दिनों में खामेनेई को ईरान की सत्ता से हटा दिया जाएगा? एक सवाल यह भी है कि अगर खामेनेई को हटा दिया गया तो उनकी जगह कौन लेगा?

अगर अमेरिका खामेनेई को सैन्य कार्रवाई करके हटा देता है तो इससे देश में हालात और भी खराब हो सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरान का शासन संभाले और वहां पर मिलिट्री रूल लगा दिया जाए।

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येल यूनिवर्सिटी के लेक्चरर और ‘What Iranians Want’ किताब के लेखक अराश अजीजी का कहना है कि ईरान के शासन में कुछ लोग अयातुल्ला खामेनेई को सत्ता से हटाए जाने का समर्थन भी कर सकते हैं।

ईरानी संसद के मौजूदा अध्यक्ष मोहम्मद-बाकर गालिबाफ रिवोल्यूशनरी गार्ड के सदस्य रह चुके हैं। खामेनेई ने गालिबाफ पर कभी भरोसा नहीं किया। उदार चेहरों में पूर्व राष्ट्रपति हसन रूहानी का नाम लिया जाता है। वे खुद को संभावित नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।

रजा पहलवी का किया था समर्थन

ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान खामेनेई को हटाए जाने की मांग प्रदर्शनकारियों ने की थी। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व राजा के बेटे क्राउन प्रिंस रजा पहलवी (65) का समर्थन किया था लेकिन क्या पहलवी लोगों को एकजुट कर पाएंगे? उनके पास ईरान के अंदर कोई ऐसा संगठन नहीं है, जिससे वे सत्ता तक पहुंच सकें।

महसा अमीनी की मौत के बाद हुए थे प्रदर्शन

पिछले 16 सालों में ईरान में कई बार खामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद भी पूरे ईरान में प्रदर्शन हुए थे लेकिन सुरक्षा बलों ने इस आंदोलन को कुचल दिया था।

खामेनेई इस बात को जानते हैं कि उनके पास ईरान में महंगाई, खराब अर्थव्यवस्था की वजह से बने हालात और तमाम बड़ी समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं है। ऐसे हालात में भी क्या वह ईरान में अपना शासन जारी रख पाएंगे?

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