व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक सवाल उठाया है और इससे विवाद खड़ा हो सकता है। व्हाइट हाउस के पूर्व मुख्य रणनीतिकार स्टीव बैनन के पॉडकास्ट “Real America Voice”, के साथ बातचीत में नवारो ने कहा, ‘सवाल यह उठता है कि अमेरिका के लोग भारत में एआई के लिए भुगतान क्यों कर रहे हैं? ChatGPT अमेरिकी जमीन पर काम कर रहा है, अमेरिकी बिजली का उपयोग कर रहा है और वह भारत, चीन और दुनिया के दूसरे देशों को सेवाएं दे रहा है।’
बातचीत के दौरान नवारो ने इस बात का संकेत दिया कि ट्रंप प्रशासन एआई डेटा सेंटर्स के तेजी से बढ़ने और इसमें बिजली की बढ़ती लागत को देखते हुए नीतिगत कार्रवाई कर सकता है।
नवारो ने कहा कि हम इस पूरे मुद्दे पर बहुत गंभीरता से नजर रख रहे हैं और आप इस मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर सकते हैं।
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ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत
नवारो की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत चल रही है। ट्रंप प्रशासन द्वारा बीते साल भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने की वजह से दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।
इसमें भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर जुर्माने के रूप में लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल है।
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भारत को बताया था ‘टैरिफ का महाराजा’
नवारो ने पिछले साल रूस से तेल खरीदने, ज्यादा टैरिफ लगाने के लिए भारत की लगातार आलोचना की थी और भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार दिया था। नवारो ने भारत के रूस से तेल खरीदने को ‘ब्लड मनी’ भी कहा था और बताया था कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले दिल्ली ने मॉस्को से बड़ी मात्रा में तेल नहीं खरीदा था।
भारत का इस मामले में साफ कहना है कि किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह, वह अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
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