अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक नए नक्शे में ग्रीनलैंड और कनाडा को अपने देश का हिस्सा दिखा दिया है। उन्होंने इसकी तस्वीर अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट की है। एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देश के नेताओं के साथ अमेरिका के नए नक्शे को दिखाया है।

इस तस्वीर में इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सूला वॉन डेर लेयेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों समेत कई नेता दिखे। एक अन्य पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप को उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और विदेश सचिव मार्को रुबियो के साथ ग्रीनलैंड में झंडा फहराते हुए दिखाया गया।

‘मैं नहीं आता तो नाटो नहीं बचता’

एक ताजा पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि वह अगर नहीं होते अब तक नाटो नहीं होता। पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, किसी भी एक व्यक्ति या राष्ट्रपति ने नाटो के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ज़्यादा कुछ नहीं किया है। अगर मैं नहीं आता तो अभी NATO होता ही नहीं। आगे लिखा, यह (नाटो) इतिहास के कूड़ेदान में चला गया होता। दुख की बात है, लेकिन सच है।

2024 में कनाडा को बताया था अमेरिका का राज्य

डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर कई बयान दे चुके हैं। ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर कहा कि ये अमेरिका की सुरक्षा और आर्कटिक क्षेत्र में इसकी रणनीतिक जरूरत है। वहीं, 2024 में ट्रंप ने कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने का सुझाव दिया और कई मंचों से इस बात को दोहराया है।

ग्रीनलैंड को नोबेल पुरस्कार न मिलने से जोड़ा

ग्रीनलैंड पर डोनाल्ड ट्रंप ने नार्वे के प्रधानमंत्री जोनस गहर स्टोरे को एक संदेश में कहा था कि अब उन्हें केवल शांति के बारे में सोचने की कोई बाध्यता महसूस नहीं होती। आगे कहा कि आठ से अधिक जंगों को खत्म करने के बावजूद नार्वे की नोबेल समिति ने उन्हें (ट्रंप) नोबेल पुरस्कार देने से इनकार कर दिया। साथ ही ग्रीनलैंड मामले पर विरोध कर रहे यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी जरूर दे दी।

बता दें कि नोबेल संस्था ने 2025 के लिए नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को दिया था, मारिया ने बाद में इसे व्हाइट हाउस की एक बैठक में अपना नोबेल पुरस्कार डोनाल्ड ट्रंप को सौंप दिया था। इस पर नोबेल संस्था की ओर से बयान आया था कि यह पुरस्कार किसी अन्य को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। आगे पढ़िए भारत-यूरोप ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ के बेहद करीब, यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष ने की घोषणा