अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक बार फिर दुनिया के कई देशों के बीच जंग रुकवाने का दावा किया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा, मैंने अकेले ही 8 जंग को रुकवाया है। साथ ही उन्होंने खुद को नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने का मुद्दा भी उठा दिया और नोबेल पुरस्कार देने वाले देश के तरीके पर सवाल उठा दिए।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने एक पोस्ट में कहा कि उनके लिए सबसे जरूरी मुद्दा यह था कि उन्होंने लाखों लोगों की जान बचाई। साथ ही नार्वे द्वारा नोबेल न दिए जाने की आलोचना कर दी। बता दें कि नार्वे की संस्था नोबेल सोसाइटी ही नोबेल प्राइज प्रदान करती है।
‘मूर्खतापूर्ण तरीके से नहीं दिया नोबेल’
पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, “मैंने अकेले ही 8 जंग को रोका और नाटो के सदस्य नॉर्वे ने ‘मूर्खतापूर्ण’ तरीके से मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया। लेकिन इसस फर्क नहीं पड़ता, फर्क इससे पड़ता है कि मैंने लाखों लोगों की जान बचाई। “
‘मैंने करवाया बिलों का भुगतान’
ट्रंप ने यह भी कहा, “याद रखिए, नाटो के उन सभी बड़े समर्थकों की जीडीपी में 2% की हिस्सेदारी थी और उनमें से अधिकांश अपने बिलों का भुगतान नहीं कर रहे थे, जब तक कि मैं नहीं आया। अमेरिका मूर्खतापूर्ण तरीके से उनके बिलों का भुगतान कर रहा था।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने उन्हें जीडीपी का 5 प्रतिशत हिस्सा दिलवाया और उन्होंने तुरंत भुगतान किया। सभी ने कहा था कि ऐसा नहीं हो सकता, लेकिन यह संभव हुआ क्योंकि सबसे बढ़कर वे सभी मेरे दोस्त हैं।”
हमसे रूस और चीन डरते हैं- ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उनके हस्तक्षेप के बिना यूक्रेन नहीं बचता। उन्होंने कहा कि अगर वह न होते तो रूस के पास इस समय पूरा यूक्रेन होता।
नाटो पर एक बार फिर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हमेशा नाटो के साथ खड़ा रहेगा, भले ही नाटो ऐसा न करे। उन्होंने कहा, “हम हमेशा नाटो के साथ खड़े रहेंगे, भले ही वे हमारे साथ खड़े न हों। चीन और रूस जिस एकमात्र देश से डरते और सम्मान करते हैं, वह डोनाल्ड ट्रंप द्वारा है पुनर्निर्मित अमेरिका।”
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