ईरान में इन दिनों सरकार के खिलाफ 100 से अधिक शहरों में हिंसा हो रही है। सैकड़ों लोग इस हिंसा की भेंट चढ़ चुके हैं, जगह-जगह से आगजनी और सुरक्षाकर्मियों के झड़प की खबरें आ रही हैं। इसी बीच एक खबर यह भी आ रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप मंगलवार को अमेरिकी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाई लेवल मीटिंग करने जा रहे हैं।

अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, इस मीटिंग में वह ईरान पर सैन्य कार्रवाई जैसे विकल्पों पर भी गौर कर सकते हैं, यानी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान में अपनी सेना के उतारने पर कोई फैसला ले सकते हैं। इधर बढ़ते विरोध प्रदर्शन ने ईरानी सरकार परेशान नजर आ रही है।

ट्रंप ले सकते हैं बड़ा फैसला

अमेरिकी मीडिया आउटलेट वाल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप को मंगलवार को ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से निपटने के विकल्पों पर जानकारी दी जाएगी। वाल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इस बात का संकेत दिया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान में प्रदर्शनकारियों पर खामनेई सरकार की कार्रवाई को लेकर उसे सबक सिखाने पर विचार कर रहे हैं। बता दें कि ट्रंप ने कई बार अपने बयानों में ईरान को धमकी दी है।

मीटिंग में इन मुद्दों पर हो सकती चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति की वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मंगलवार को होने वाली हाईलेवल मीटिंग में अमेरिका के ईरान में आगे के कदमों पर चर्चा होगी। मीटिंग में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन शामिल रहेंगे। मीटिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान में सरकार विरोधी ऑनलाइन स्रोतों को बढ़ावा देना, ईरानी सैन्य और नागरिक ठिकानों के खिलाफ गुप्त साइबर हथियारों का इस्तेमाल करना, ईरान पर और प्रतिबंध लगाना और सैन्य हमले करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।

प्रदर्शन में मोसाद और अमेरिका से जुड़े लोग शामिल- ईरान

इधर एनडीटीवी से बात करते हुए भारत ईरानी राजदूत मोहम्मद फथली ने ईरान की ताजा स्थिति पर कहा कि शुरुआत में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे मोसाद और अमेरिका से जुड़े विरोधी लोगों ने उसे हिंसक बना दिया। सरकार ने शुरू में कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनने के लिए तैयार है।

आगे उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान हो रहे दंगे, तोड़फोड़ और हिंसक कृत्यों में आईएसआईएस जैसे अपराधों के सबूत मिले हैं, जिनमें सिर कलम करना, शवों को जलाना और इसी तरह के क्रूर कृत्य शामिल हैं।

आगे उन्होंने इन प्रदर्शनों के पीछे मोसाद और अमेरिका के एजेंटों को बताया और कहा कि प्रदर्शनकारियों के बीच विदेशी एजेंट मौजूद हैं जो लोगों को भड़का रहे हैं। अमेरिका ने भी बार-बार और स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रदर्शनकारियों के बीच मोसाद के एजेंट मौजूद थे।

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