कोरोना वायरस का संक्रमण आज पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका है। इस संक्रमण से अब तक पूरे विश्व में करीब 2 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। इस वायरस से बचाव के लिए पूरे विश्व में जांच और रिसर्च चल रही है। अब एक नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि सूरज की रोशनी में कोरोना वायरस जल्दी खत्म होता है। इस रिर्सच के बाद इस माहमारी से राहत मिलने की उम्मीद पैदा हो गई है।
दरअसल गुरूवार को अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के विज्ञान और तकनीक के सलाहकार विलियम ब्रायन ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि सरकारी वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में पाया है कि अल्ट्रावॉयलेट किरणें वायरस पर काफी असरकारक हैं।
विलियम ब्रायन ने बताया कि रिसर्च में पता चला है कि सूरज की रोशनी से जमीन और हवा दोनों जगह वायरस खत्म हो सकता है। हालांकि अभी तक इस रिसर्च के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पायी है।
ब्रायन ने बताया कि मेरीलैंड स्थित नेशनल बायोडिफेंस एनालिसिस एंड काउंटरमीजर सेंटर में हुई रिसर्च के अनुसार, जब 20 फीसदी उमस के साथ तापमान 21 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा गया तो वायरस का खतरा आधा हो गया।
वहीं जब उमस का स्तर बढ़ाकर 80 फीसदी किया गया तो वायरस का जीवन 6 घंटे रह गया। लेकिन जब 80 फीसदी उमस के साथ ही सूरज की रोशनी का भी इस्तेमाल किया गया तो वायरस को खत्म होने में सिर्फ 2 मिनट लगे।
ब्रायन विलियम के अनुसार, गर्मियों में जब ऐसा मौसम हो जाएगा तो वायरस का खतरा कम हो सकता है। पिछली कई रिसर्च में भी खुलासा हुआ है कि वायरस ठंडे तापमान में ज्यादा सक्रिय रहता है और गर्म तापमान में थोड़ा कमजोर पड़ जाता है।
हालांकि यहां यह सवाल उठ सकता है कि कई देशों में जहां का तापमान अपेक्षाकृत ज्यादा रहता है जैसे एशिया के देश और अफ्रीकी देशों में भी कोरोना का संक्रमण फैल रहा है, लेकिन इन देशों में हालात यूरोपीय देशों के मुकाबले उतने खराब नहीं हैं। बहरहाल अमेरिकी वैज्ञानिकों के इस दावे की पुष्टि अभी और जांच और रिसर्च के बाद ही हो सकेगी।

