Chinese Diplomate Chicken Neck: भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में तनाव काफी ज्यादा हो गया है। ऐसे वक्त में बांग्लादेश में चीनी राजदूत ने सोमवार को रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर या चिकन नेक के पास स्थित तीस्ता परियोजना क्षेत्र का दौरा किया।

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कहा कि चीनी राजदूत याओ वेन की यात्रा तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और पुनर्स्थापन परियोजना के तहत किए जा रहे तकनीकी मूल्यांकन से संबंधित थी। मोहम्मद यूनुस के पिछले साल चीनी अर्थव्यवस्था के विस्तार” और भारत के “भूमि से घिरे” पूर्वोत्तर क्षेत्र पर दिए गए विवादास्पद बयानों की गूंज दिसंबर में हुए भारत विरोधी प्रदर्शनों में भी सुनाई दी थी। इसमें ढाका और बांग्लादेश के अन्य शहरों में भारतीय राजनयिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया था।

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भारत के लिए अहम है तीस्ता नदी

बांग्लादेश के रंगपुर के तेपामधुपुर तालुक शाहबाजपुर में परियोजना क्षेत्र का दौरा करने वाली जल संसाधन सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन ने कहा कि चीन तीस्ता मास्टर प्लान (टीएमपी) को जल्द से जल्द लागू करने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और चीन दोनों ही टीएमपी को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हालांकि, हसन ने बताया कि परियोजना की जांच प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल काम शुरू करना संभव नहीं है। जहां बांग्लादेश के लिए तीस्ता नदी उसके उत्तरी जिलों में कृषि और आजीविका के लिए जीवन रेखा है। वहीं भारत के पश्चिम बंगाल के लिए भी यह नदीं अहमियत रखती है। इसलिए, तीस्ता नदी के जल बंटवारे की रणनीति दशकों से खिंची पड़ी है और पश्चिम बंगाल सरकार की चिंताओं के कारण अंतिम समझौता अभी तक नहीं हो पाया है।

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रविवार को हुई थी अहम बैठक

रविवार चीनी राजदूत याओ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान के बीच हुई बैठक के बाद मुख्य सलाहकार यूनुस के प्रेस विंग ने X पर पोस्ट किया कि दोनों पक्षों ने आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और बांग्लादेश और चीन के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता और विकास सहयोग की पुष्टि की।

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तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन एवं पुनर्स्थापन परियोजना और प्रस्तावित बांग्लादेश-चीन मैत्री अस्पताल शामिल थे। इस संदर्भ में चीनी राजदूत ने सूचित किया कि वे तीस्ता परियोजना क्षेत्र का दौरा करेंगे और चल रहे तकनीकी मूल्यांकन को शीघ्रता से पूरा करने के लिए चीन की प्रतिबद्धता को दोहराया,” इसमें कहा गया है।

प्रेस विंग के अनुसार राजदूत ने बांग्लादेश में चल रहे लोकतांत्रिक परिवर्तन के लिए अपनी सरकार के निरंतर समर्थन की पुष्टि की और आगामी राष्ट्रीय चुनावों के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं।

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