अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकियों से अब उनके सहयोगी भी परेशान होने लगे हैं। अमेरिकी विदेश नीति की कड़ी आलोचना करते हुए ब्रिटेन के एक सांसद ने ट्रंप को इंटरनेशनल गैंगस्टर और अमेरिका का अब तक का सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति तक कह दिया। ब्रिटेन की संसद में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी लिबरल डेमोक्रेट के नेता एड डेवी ने ट्रंप द्वारा यूनाइटेड किंगडम और उसके यूरोपीय सहयोगियों को निशाना बनाए जाने पर उनकी आलोचना की।
ब्रिटेन-अमेरिका के बीच संबंध खत्म होने की कगार पर- ब्रिटिश सांसद
संसद में ब्रिटिश सरकार को संबोधित करते हुए एड डेवी ने मौजूदा वैश्विक कूटनीतिक माहौल को अविश्वसनीय रूप से गंभीर समय बताया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति पर बिना किसी उकसावे के आक्रामकता का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध लगभग खत्म होने की कगार पर है।
डेवी ने बिना किसी लाग-लपेट के ट्रंप के राष्ट्रपति पद की एक ऐसी तस्वीर पेश की जो सहयोग के बजाय जबरदस्ती पर आधारित थी। डेवी ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप एक इंटरनेशनल गैंगस्टर की तरह काम कर रहे हैं। ब्रिटिश सांसद ने ट्रंप पर एक सहयोगी की संप्रभुता को रौंदने की धमकी देने और नाटो को पूरी तरह से खत्म करने की धमकी देने का आरोप लगाया। सांसद डेवी ने ट्रंप को एक ऐसे धमकाने वाले व्यक्ति के रूप में कहा जो सोचता है कि वह जरूरत पड़ने पर बल का प्रयोग करके जो चाहे वह हासिल कर सकता है।
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ट्रंप से रूस और चीन को होता है फायदा
ब्रिटिश सांसद ने तर्क दिया कि इस घटनाक्रम से अमेरिका के मुख्य विरोधियों रूस और चीन को फायदा होता है। उन्होंने कहा कि केवल व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग ही ट्रंप का उत्साह बढ़ा रहे हैं। उन्होंने ब्रिटेन में लेबर पार्टी सरकार और पिछली कंजर्वेटिव सरकारों पर ट्रंप को खुश करने, उनकी चापलूसी करने और उनके सामने गिड़गिड़ाने का आरोप लगाया। डेवी ने तर्क दिया कि यह नीति विफल रही और कहा कि ब्रिटेन को अब उनके सामने खड़े होने या उनके क्रिप्टो खाते में कुछ अरब के माध्यम से रिश्वत देने के बीच चयन करना होगा।
ट्रंप ने यूरोपीय देशों को दी है धमकी
बता दें कि ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने ब्रिटेन सहित 8 यूरोपीय देशों से आने वाले सामानों पर 10% टैरिफ लगाने की घोषणा की। ये टैरिफ उन देशों के खिलाफ सीधी जवाबी कार्रवाई है जिन्होंने डेनमार्क के ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे पर चर्चा करने से इनकार का समर्थन किया है। ट्रंप ने जोर देकर कहा है कि अमेरिका को चीन और रूस से संभावित खतरों का मुकाबला करने के लिए सुरक्षा कारणों से इस क्षेत्र की जरूरत है।
ट्रंप ने अमेरिकी विस्तारवादी नीतियों, गाजा के लिए उसकी योजनाओं और कथित विश्व शांति के दावों को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी विवाद कर लिया है। ट्रंप ने फ्रांसीसी वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि इससे मैक्रों ट्रम्प की बोर्ड ऑफ पीस पहल में शामिल हो जाएंगे, जो गाजा से शुरू होने वाले वैश्विक संघर्षों को सुलझाने की एक योजना है।
यह टकराव तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने मैक्रों का एक प्राइवेट मैसेज पब्लिश किया, जिसमें ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी नेता के कामों पर भ्रम जताया गया था। फ्रांसीसी मंत्री एनी जेनेवार्ड ने इन तरीकों को क्रूर और ब्लैकमेल का हथियार बताया है और कहा है कि यूरोप इस तरह के तनाव को बर्दाश्त नहीं कर सकता। पढ़ें अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट क्यों?
