Why do we get hiccups: हिचकी हर किसी को कभी न कभी जरूर आती है। आमतौर पर हिचकी आने पर लोग पानी पी लेते हैं। पर कभी-कभी पानी पीने के बाद भी लगातार हिचकी होती रहती है। ये स्थिति कई बार बेहद असुविधापूर्ण हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जरूरत से ज्यादा हिचकी आना सेहत की दृष्टि से खतरनाक माना जा सकता है। यूं तो हिचकी के पीछे कई कारण हो सकते हैं पर कुछ बातों का जानना लोगों के लिए जरूरी है। आइए जानते हैं –
कब होती है हिचकी: सांस लेने की प्रक्रिया के दौरान फेफड़ों में हवा भर जाती है। इस वजह से सीने और पेट के बीच का हिस्सा जिसे डायफ्राम कहते हैं, उसमें कंपन होती है और वो सिकुड़ जाता है। इस थरथराहट से सांस लेने का फ्लो टूट जाता है और हिचकी आने लगती है। इसके अलावा, ज्यादा मसालेदार व तीखा भोजन करने से और शराब के अत्यधिक सेवन के कारण भी लोगों को हिचकी होने लगती है। वहीं, जो लोग जल्दबाजी में बिना चबाए खाने को सीधे निगलने की कोशिश करते हैं, उन्हें भी कई बार हिचकी आने लगती है।
क्यों आती है ऐसी आवाज़: डायाफ्राम के सिकुड़ जाने से लोगों की वोकल कॉर्ड क्षण भर के लिए बंद हो जाती है। यही कारण है कि मुंह से हिचकी की ध्वनि निकलती है।
इन स्वास्थ्य समस्याओं का हो सकता है संकेत: अमेरिकन जर्नल ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक लगातार हिचकी आने को कोविड-19 के लक्षणों में भी शामिल किया गया है। वहीं, हिचकियां टॉरेट सिंड्रोम का भी एक लक्षण हो सकता है। ये बीमारी एक न्यूरोसाइकाइअट्रिक डिसऑर्डर है जिसका कोई इलाज अब तक सामने नहीं आ पाया है। इसके अलावा, कई बार अवसाद से पीड़ित लोगों में लगातार हिचकियों की परेशानी देखी जा सकती है। डॉक्टर्स का मानना है कि दो दिनों से ज्यादा होने वाली हिचकी या फिर एक महीने से ज्यादा रहने वाली हिचकी गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या का संकेत हो सकती है।
कैसे पाएं काबू: अपनी सांस को लंबा खींचकर उसे कुछ सेकंड के लिए रोककर रखें। ऐसे में फेफड़ों में जमा कॉर्बन डायॉक्साइड बाहर निकल जाएगा और हिचकी रुक जाएगी। पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर एक या दो घूंट पी लें। इससे हिचकी से तुरंत निजात मिलती है। एक गिलास ठंडा पानी में थोड़ा शहद मिलाएं और एक ही घूंट में पी जाएं। इससे हिचकी बंद हो जाएगी।
