खराब डाइट, बढ़ते मोटापा और बिगड़ती सेहत के लिए जिम्मेदार है। हमारी डाइट में ऑयली,जंक फूड और मसालेदार प्रोसेस फूड ज़हर की तरह काम करते हैं। अक्सर लोग ऑयली फूड का सेवन कंट्रोल करने, हेल्दी और क्लीन डाइट लेने के लिए अपनी डाइट से घी और तेल का सेवन कंट्रोल करते हैं। कुछ लोग ऐसे भी है जो घी और तेल को अपनी डाइट से पूरी तरह निकाल देते हैं और सिर्फ ब्वाइल या ग्रिल फूड्स का ही सेवन करते हैं। जीरो ऑयल कुकिंग को फॉलो करने का ट्रेंड जोरों पर है। अक्सर लोग बॉडी को फिट रखने के लिए अपनी डाइट से पूरी तरह घी और तेल को छोड़ देते हैं। आप जानते हैं कि डाइट में जीरो कुकिंग ऑयल का ट्रेंड आपके दिल, दिमाग और हड्डियों को वक्त से पहले बूढ़ा बना सकता है?

आकाश हेल्थ केयर में हेड ऑफ डायटेटिक्स डॉ. गिन्नी कालरा ने बताया ने बताया अगर आप जीरो ऑयल फूड्स का सेवन करेंगे तो आपकी बॉडी में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि बिना फैट के आपका शरीर अंदर से कैसे बिखरने लगता है।

घी और तेल छोड़ने से कौन-से जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं?

डाइटिशियन गिन्नी कालरा के मुताबिक, जीरो-फैट डाइट का सबसे बड़ा खतरा फैट-सॉल्युबल विटामिन की कमी है। एक्सपर्ट ने बताया अगर आप पूरी तरह एक महीने तक घी और तेल को खाना बंद कर देंगे तो आपकी बॉडी में विटामिन A, विटामिन D, विटामिन E और विटामिन K का अवशोषण प्रभावित होता है। बॉडी में इन डाइटरी फैट के बिना शरीर इन विटामिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। ये सभी विटामिन हमारी आंखों से लेकर हड्डियों तक के लिए जरूरी है। ये इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं,एंटीऑक्सिडेंट प्रोटेक्शन और ब्लड क्लॉटिंग में अहम किरदार निभाते हैं। घी में मौजूद हेल्दी फैट्स से ओमेगा-3 फैटी एसिड और ओमेगा-6 जैसे एसेंशियल फैटी एसिड्स मिलते हैं, जिन्हें हमारी बॉडी खुद नहीं बना पाती। ये हेल्दी फैट ब्रेन फंक्शन, हार्मोन बैलेंस, सेल्स की मजबूती और सूजन को कंट्रोल करने के लिए ज़रूरी हैं।

डाइटिशियन कालरा ने बताया अगर आप हेल्दी फैट को कंट्रोल करते हैं तो आप कितने भी हेल्दी फूड्स खा लें आपकी बॉडी को उसका पूरा फायदा नहीं मिलेगा। सब्ज़ियां और दूसरे पोषक तत्व बिना फैट के सही तरह से एब्ज़ॉर्ब नहीं होते, जिससे पूरे भोजन की न्यूट्रिशन वैल्यू कम हो जाती है।

ज़ीरो ऑयल डाइट के सेहत के लिए साइड इफेक्ट

डाइटिशियन कालरा ने बताया अगर आप जीरो ऑयल फूड्स का सेवन करते हैं तो आपका हार्मोन प्रोडक्शन गड़बड़ा सकता है, रिप्रोडक्टिव हेल्थ प्रभावित हो सकती है और नर्वस सिस्टम कमजोर पड़ सकता है। फैट का सेवन पेट को भरा हुआ महसूस कराता है।  जब डाइट में फैट नहीं होता, तो लोग ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने लगते हैं जिससे शुगर क्रेविंग बढ़ती है और लोग ज्यादा खाते हैं। ऐसी डाइट का सेवन रेगुलर करने से मेटाबॉलिज्म स्लो होने लगता है, बॉडी में थकान रहने लगती है और शुगर बढ़ने का खतरा रहता है। स्किन और जोड़ों पर भी इस डाइट का असर दिखता है। जीरो ऑयल फूड का सेवन करने वाले लोग ड्राई स्किन, जोड़ों में चिकनाई की कमी और कमजोर इम्यूनिटी का शिकार हो सकते हैं। डॉक्टर ने बताया बिना एक्सपर्ट की निगरानी के नो-फैट डाइट अपनाने से डिफिशिएंसी, चिड़चिड़ापन, फोकस की कमी और मेटाबॉलिक रेट कम हो सकता है।

जीरो ऑयल डाइट फॉलो करते हैं तो हेल्दी फैट के लिए ये विकल्प अपनाएं

डाइटिशियन गिन्नी कालरा ने बताया आपको बॉडी हेल्दी रखने के लिए ज्यादा तेल से बचना चाहिए ना की हेल्दी फैट से। डाइट से फैट्स को पूरी तरह हटाने के बजाय ऐसे नेचुरल स्रोत चुनें, जो पोषण के साथ पेट भरा रखने में भी मदद करें। घी और तेल के कुछ हेल्दी विकल्प हैं जैसे

  1. नट्स और सीड्स खाएं। नट्स और सीड्स में आप डाइट में बादाम, अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स, सूरजमुखी के बीज का सेवन कर सकते हैं।  ये हेल्दी फैट, प्रोटीन, फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं जो हमारी बॉडी को हेल्दी फैट देते हैं, बॉडी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते हैं और बॉडी को जल्दी बूढ़ा होने से रोकते हैं।
  2. एवोकाडो खाएं, ये मोनोअनसैचुरेटेड फैट का बेहतरीन स्त्रोत है। ये हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता।
  3. लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स भी बॉडी में पोषक तत्वों की कमी करेंगे पूरी। दही, योगर्ट, टोंड दूध इनसे थोड़ी मात्रा में हेल्दी फैट, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स होता है जो बॉडी में पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते हैं।
  4. जो लोग मछली खाते हैं वो डाइट में फैटी फिश का सेवन करें। मछली से मिलने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।
  5. डाइट में हेल्दी फूड्स के साथ ही उन्हें पकाने का तरीका भी बदलें। स्टीमिंग, रोस्टिंग, ग्रिलिंग या बहुत कम तेल में सॉटे करके खाएं। फूड्स को खाने का ये तरीका कैलोरी कंट्रोल करने का बेहतर तरीका है, जिससे पोषण से समझौता नहीं होता।

निष्कर्ष

वजन घटाने और फिट रहने के चक्कर में डाइट से घी और तेल को पूरी तरह हटाना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ज़ीरो ऑयल या ज़ीरो फैट डाइट शरीर को जरूरी फैट-सॉल्युबल विटामिन्स और एसेंशियल फैटी एसिड्स से वंचित कर देती है, जिससे दिल, दिमाग, हड्डियां, हार्मोन बैलेंस और इम्युनिटी प्रभावित होती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही तरीका यह है कि ज्यादा तेल और जंक फूड से बचा जाए, लेकिन हेल्दी फैट्स को सीमित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जाए।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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