विटामिन डी को सनशाइन विटामिन के नाम से जाना जाता है। हमारे शरीर की कई तरह की गतिविधियों को संचालित करने के लिए विटामिन डी बेहद जरूरी तत्व है। यह हमारे शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस की मात्रा को नियंत्रित करने में मददगार होता है। ये दोनों ही तत्व मजबूत हड्डियों, दांतों और मसल्स के लिए बहुत जरूरी होते हैं। विटामिन डी की शरीर के लिए जरूरत को ध्यान में रखते हुए FSSAI ने कैंपेन के जरिए स्कूलों में विटामिन डी की आवश्यकता के प्रति छात्रों को जागरूक बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया है।
शरीर में विटामिन डी की कमी से हड्डियों के कमजोर होने, मसल्स के कमजोर होने, हाई ब्लड प्रेशर, और हार्मोन्स असंतुलन जैसी समस्याएं होती हैं। अगर आप हमेशा थकान महसूस करते हैं तथा अपने मसल्स या फिर जोड़ों में तेज दर्द महसूस करते हैं तो इसका मतलब है कि आपके शरीर में विटामिन डी की कमी है। इसके अलावा लोअर बैक पेन और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी भी विटामिन डी की कमी के ही लक्षण हैं। सूरज की रोशनी विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है। इसके अलावा भी कुछ फूड्स के जरिए शरीर में विटामिन डी की आपूर्ति की जा सकती है। आझ हम आपको कुछ ऐसे ही फूड्स के बारे में बताने वाले हैं।
पनीर – पनीर में उच्च मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है। इसके अलाव भी इसमें काफी मात्रा में फैट और कैल्शियम पाया जाता है।
मशरूम – मशरूम भी विटामिन डी का बेहतरीन स्रोत है। आप इसे सलाद, सब्जी या फिर स्टू बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। मशरूम का इस्तेमाल करने से पहले इसे ठीक तरह से धोना न भूलें।
फैटी फिश – मैक्केरल, टूना, सैल्मन जैसी मछलियां उच्च गुणवत्ता के विटामिन डी से भरपूर होती हैं। इन्हें आप सैंडविच और सलाद के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं।
एग योक – अंडा विटामिन डी का अच्छा स्रोत है। यह अंडे के पीले भाग यानी कि एग योक में मौजूद होता है। अंडे को एग व्हाइट सहित खाना फायदेमंद होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आपको कोलेस्ट्रॉल की भी समस्या है तो भी आपको एग योक से परहेज नहीं करना है।
कच्चा दूध – विटामिन डी के बेहरीन स्रोतों में से एक है कच्चा दूध। इसके अलावा सोया मिल्क का भी सेवन किया जा सकता है। इसमें भी काफी मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है।
