गर्मियों में मच्छरों का प्रकोप थोड़ा ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे में मच्छरजनित बीमारियों से बचना बड़ी चुनौती है। मच्छरों को भगाने के लिए बाजार में एंटी-मॉस्कीटो कॉइल्स सहित कई तरह के प्रोडक्ट्स मौजूद हैं। इन प्रोडक्ट्स के बहुत से साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। ऐसे में इनके ज्यादा इस्तेमाल से बचना चाहिए। इसके लिए आप प्राकृतिक तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे इसेंशियल ऑयल्स के बारे में बताने वाले हैं जिनकी मदद से आप खुद को मच्छरों से बचा सकते हैं। आइए जानते हैं कि वे ऑयल्स कौन-कौन से हैं।
पिपरमिंट का तेल – पिपरमिंट ऑयल की गंध मच्छरों और खटमल को आपसे दूर रखने में मददगार होती है। सिर्फ मच्छरों से बचाव में ही नहीं, आप इसका इस्तेमाल दर्द से राहत पाने के लिए भी कर सकते हैं।
लेमनग्रास ऑयल – मच्छर और खटमल भगाने में के लिए लेमनग्रास ऑयल का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। यह कहीं भी आसानी से उपलब्ध होता है, इसलिए काफी लोकप्रिय भी है। इसका इस्तेमाल करने के कुछ घंटों तक मच्छर और खटमल आपसे दूर ही रहेंगे।
सेज ऑयल – सेज ऑयल को खासतौर पर डेंगू के मच्छरों से बचाने में मददगार माना जाता है। इस्तेमाल के कई घंटों तक यह तेल मच्छरों को आपसे दूर रखता है।
तुलसी का तेल – तुलसी कई असाध्य रोगों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली औषधि है। मच्छरों को भगाने में तुलसी का तेल बेहद प्रभावी उपाय है। इसमें कीट-प्रतिरोधक क्षमता होती है जिसके इस्तेमाल के बाद मच्छर आपसे दूर रहते हैं।
नींबू और यूकेलिप्टस का तेल – मच्छरों से प्राकृतिक सुरक्षा चाहिए तो इस तेल का इस्तेमाल करें। इसमें मच्छर-प्रतिरोधी अद्भुत गुण पाए जाते हैं। प्राकृतिक होने की वजह से इससे आपको किसी भी तरह का नुकसान भी नहीं होता।
सौंफ इसेंशियल ऑयल – खाना पकाने के लिए इसका इस्तेमाल खूब किया जाता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टी होती है। मच्छरों से सुरक्षा के लिए सौंफ के तेल का इस्तेमाल करना काफी प्रभावी होता है।
थाइम ऑयल – अजवाइन के फूल का तेल और लौंग के तेल को समान अनुपात में मिलाकर बनाया गया मिश्रण बेहतरीन मच्छर-रोधी तेल होता है। इसकी तीक्ष्ण गंध से मच्छर और खटमल नजदीक नहीं आते।
कैसे करेंगे इस्तेमाल – डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां फैलाने वाले मच्छरों से बचाव के लिए इन तेलों का इस्तेमाल डिफ्यूजर की मदद से किया जा सकता है। इसके अलावा आप इन्हें अपने शरीर पर लगाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन यह तरीका बहुत देर तक प्रभावी नहीं रहता। साथ ही ऐसे इस्तेमाल करने से स्किन रैशेज और इर्रिटेशन जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं।

