Uric Acid Symptoms: यूरिक एसिड हमारे शरीर में ब्लड के माध्यम से किडनी तक पहुंचता है। वैसे तो यूरिन के जरिये ये शरीर से बाहर निकल जाता है लेकिन कुछ लोगों में किडनी जब फिल्टर करने में असमर्थ होती है तो ये एसिड शरीर में ही इकट्ठा होने लगता है। गठिया, जोड़ों में दर्द, शरीर में सूजन के पीछे यूरिक एसिड की अधिकता भी एक वजह मानी जाती है। हालांकि, लोग हाई यूरिक एसिड की समस्या को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते जबकि एक शोध में ये खुलासा हुआ है कि दुनिया में हर 5 में से एक व्यक्ति में यूरिक एसिड का लेवल हाई होता है।

आज के समय में हाइपरटेंशन यानि कि उच्च रक्तचाप व्यस्कों में हृदयरोग का सबसे आम रूप है। बढ़ती उम्र के साथ ये बीमारी हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और किडनी फेलियर का कारण भी बन सकती है। हाल में ये बात सामने आई है कि यूरिक एसिड के मरीजों को हाई ब्लड प्रेशर का खतरा ज्यादा होता है। आइए जानते हैं कैसे करें इस बीमारी की पहचान-

यूरिक एसिड और ब्लड प्रेशर में ये है संबंध: अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की पत्रिका में छपी एक खबर के अनुसार जिन लोगों के खून में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है उन्हें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा अधिक होता है। वैसे लोग जो अपनी डाइट में ज्यादा नमक युक्त खाने को शामिल करते हैं, उनके शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। वहीं, ज्यादा नमक खाने से हाई बीपी का खतरा भी बढ़ता है। इस अध्ययन के मुताबिक जिन लोगों को यूरिक एसिड की समस्या थी और वे अपने खाने में ज़्यादा नमक शामिल करते थे, उनमें उच्च रक्तचाप की आशंका 32 प्रतिशत ज़्यादा पाई गई।

ये हैं यूरिक एसिड के लक्षण: यूरिक एसिड के लक्षण बहुत आम होते हैं जिस वजह से लोग जल्दी इन पर ध्यान नहीं देते। कई बार इस वजह से समस्या गंभीर रूप भी ले लेती है। जोड़ों में दर्द होना और उठने-बैठने में परेशानी यूरिक एसिड के बढ़े स्तर की ओर संकेत करता है। इसके अलावा, हाथ-पैर की उंगलियां और शरीर के कई हिस्सों में यूजन होने पर भी यूरिक एसिड संबंधित टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। शरीर के जोड़ों में गांठ उत्पन्न होना भी यूरिक एसिड की परेशानी को दर्शाता है। इसके अलावा, हाई यूरिक एसिड के मरीजों के हाथ और पैरों की उंगलियों में असहनीय दर्द होता है जो कई बार चुभने के समान प्रतीत होता है। इनमें से कोई भी लक्षण नजर आने पर डॉक्टर से जरूर परामर्श करें।