फल कुदरत का दिया हुआ एक अनमोल तोहफा हैं। प्रकृति ने हमें हर मौसम के अनुसार अलग-अलग फल दिए हैं, जो उस मौसम में शरीर की जरूरतों को प्राकृतिक रूप से पूरा करते हैं। फलों का सेवन करने से शरीर को नेचुरल पोषण मिलता है और किसी अतिरिक्त सप्लीमेंट की जरूरत नहीं पड़ती। रोज़ाना कम से कम एक मौसमी फल खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर बीमारियों से बेहतर तरीके से बचाव कर पाता है। फल दिल को स्वस्थ रखने के साथ-साथ दिमाग की कार्यक्षमता भी बढ़ाते हैं। खराब पाचन, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं के लिए फल एक बेहतरीन प्राकृतिक इलाज हैं। एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-एजिंग गुणों से भरपूर फल शरीर में मल्टीविटामिन कैप्सूल की तरह काम करते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं।

वैज्ञानिक शोध इस बात की पुष्टि करते हैं कि फलों का सेवन शरीर के लिए केवल भोजन नहीं, बल्कि एक ‘बायोलॉजिकल मेडिसिन’ की तरह काम करते हैं। जब हम ताजे फल खाते हैं, तो कोशिकीय स्तर (Cellular Level) पर बदलाव होते हैं। Harvard Health के अनुसार, ब्लूबेरी और अनार जैसे फलों में एंथोसायनिन (Anthocyanin) और पॉलीफेनोल्स होते हैं। ये तत्व शरीर में जाकर फ्री रेडिकल्स को शांत कर देते हैं। इसे विज्ञान न्यूट्रिशनल शील्ड कहता है, जो डीएनए (DNA) की क्षति को रोकता है। आइए जानते हैं कि कौन कौन से फलों का सेवन करने से सेहत पर कैसा असर होता है।

ब्लूबेरी (Blueberries)

ब्लूबेरी को सुपर फ्रूट इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। रिसर्च के मुताबिक ब्लूबेरी दिमाग को उम्र से जुड़ी कमजोरी और याददाश्त की समस्याओं से बचाने में मदद करती है। Journal of Nutrition के शोध के अनुसार, ब्लूबेरी और खट्टे फलों में मौजूद विटामिन-C और बायो फ्लेवोनोइड्स शरीर में C-Reactive Protein (CRP) के स्तर को कम करते हैं, जो सूजन का मुख्य मार्ग है। इसमें मौजूद विटामिन C, विटामिन K, पोटैशियम और फाइबर वजन कंट्रोल करने में मदद करता है। आप इसका सेवन स्मूदी, दही या स्नैक के रूप में आसानी से कर सकते हैं।

सेब (Apples)

सेब एक लो-GI फल है जो लंबे समय तक पेट भरा रखता है। एक सेब में फाइबर, विटामिन C और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है। खास बात यह है कि सेब का छिलका पॉलीफेनॉल्स से भरपूर होता है, जो वजन बढ़ने से रोकने और गट हेल्थ सुधारने में मदद करता है। रिसर्च बताती है कि सेब का नियमित सेवन फैट और कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को कम करता है। University of Nottingham की एक रिसर्च के अनुसार जब हम सेब जैसे फाइबर युक्त फल खाते हैं तो यह हमारी आंतों में ‘गुड बैक्टीरिया’की संख्या बढ़ाते हैं। शरीर की 70% इम्युनिटी आंतों में होती है, इसलिए फलों का सेवन सीधे तौर पर संक्रमण से लड़ने की शक्ति बढ़ाता है।

एवोकाडो (Avocado)

एवोकाडो को हेल्दी फैट का पावरहाउस माना जाता है। इसमें मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। साथ ही यह विटामिन E और फाइबर का अच्छा स्रोत है, जो स्किन और पाचन दोनों को बेहतर बनाता है। स्टडी के अनुसार, लंच में आधा एवोकाडो खाने से देर तक भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है। American Heart Association के एक अध्ययन के अनुसार, एवोकाडो में मौजूद घुलनशील फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को सोख लेता है और उसे खून में मिलने से रोकता है। इसका सेवन करने से दिल की सेहत दुरुस्त रहती है।

 कीवी (Kiwifruit)

कीवी को विटामिन C का सुपरस्टार कहा जाता है। एक कीवी में संतरे से भी ज्यादा विटामिन C पाया जाता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। इसमें घुलनशील फाइबर, विटामिन E और कैरोटेनॉयड्स होते हैं, जो पाचन सुधारते हैं। रिसर्च बताती है कि रोज दो कीवी खाने से कब्ज जैसी पुरानी समस्या में राहत मिल सकती है।

अनार (Pomegranate)

अनार को सुपरफूड इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें एंथोसायनिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो शरीर में सूजन को कम करता है। Harvard Health के अनुसार अनार जैसे फल में एंथोसायनिन (Anthocyanin) और पॉलीफेनोल्स होता हैं। ये तत्व शरीर में जाकर उन फ्री रेडिकल्स को शांत कर देते हैं। इसे विज्ञान ‘न्यूट्रिशनल शील्ड’ कहता है, जो डीएनए (DNA) की क्षति को रोकता है।  अनार विटामिन C, K, पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। ये बॉडी में विटामिन की कमी की भरपाई करता है, खून को साफ करता है और बुढ़ापा के लक्षणों को कंट्रोल करता है। ये हाई कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर और क्रॉनिक पेन से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।