खराब खान-पान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण थायरॉयड की बीमारी आज के समय में बहुत आम बन चुकी है। हालांकि, इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धारे सामने आते हैं। थायरॉयड ग्लैंड गर्दन के निचले हिस्से में एक चयापचय हार्मोन उत्पादक ग्रंथि है। थायरॉयड शरीर द्वारा आवश्यक हार्मोन का उत्पादन करता है जो चयापचय, हृदय गति, ब्लड प्रेशर और तापमान को विनियमित करने में मदद करता है। अगर आपको अपने शरीर में ये लक्षण दिख रहे हैं तो आपको अलर्ट होने की जरूरत है। आइए जानते हैं थायरॉयड के लक्षण-

थायरॉयड के लक्षण:
– थायरॉयड के मरीजों की त्वचा रूखी हो जाती है। इसके अलावा जिन लोगों को थायरॉड की समस्या होती है उनकी त्वचा फटने लगती है। ऐसे में यदि आपको ये लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश करें और थायरॉयड की जांच करवाएं।

– तनाव स्वास्थ्य को कई तरीके से प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा तनाव थायरॉयड फंक्शन बिगाड़ने के सबसे बड़े कारणों में से एक है। ऐसे में आपको तनाव लेने से बचना चाहिए, साथ ही तनाव होने पर जांच भी करानी चाहिए।

– कई बार थायरॉयड के मरीजों में डिप्रेशन, एंग्जाइटी, मेमॉरी लॉस या दूसरे मेंटल डिसऑडर्स देखने को मिलते हैं। इस दौरान व्यक्ति अकेलपन, सुस्ती और भावनात्मक रूप से खुद को बहुत कमजोर महसूस करता है। साथ ही वह डेली रुटीन से जुड़ी चीजों को याद रखने में भी परेशानी महसूस कर सकता है।

थायरॉयड के अन्य लक्षण:
– नींद की समस्या
– अधिक मोटापा
– पसीना कम आना
– मांसपेशियों में दर्द और ऐंठन होना
– अत्यधिक थकान महसूस करना
– पीरियड्स से जुड़ी समस्या हो सकती है
– बालों को टूटना

ऐसे करें बचाव:
– हेल्दी और फाइबर वाले फूड्स खाएं
– शारीरिक रूप से सक्रिया रहें
– धूम्रपान और एल्कोहल के सेवन से बचें
– शरीर में विटामिन ए की कमी ना होने दें
– पर्याप्त मात्रा में सेलेनियम युक्त फूड्स खाएं

थायरॉइड की जांच कब कराएं? अमेरिकन थाइरॉयड एसोशिएशन के अनुसार, 35 साल की उम्र से थाइरॉयड की जांच करानी शुरू कर देनी चाहिए और हर 5 साल बाद इसकी जांच नियमित तौर पर करानी चाहिए, ताकि आप इस गंभीर बीमारी से बच सकें। यह बात महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए है।