सर्दियों का मौसम अपने पूरे शबाब पर है। सर्द मौसम में खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है और दिल करता है कि हम कुछ न कुछ हेल्दी फूड खाते रहें। इस मौसम में मौसमी फल, सब्ज़ियां, साग और सभी गर्म और पौष्टिक चीज़ें सेहत को फायदा पहुंचाती हैं। इन फूड्स का सेवन करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और बीमारियों का खतरा टलता है। सर्द मौसम में इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में कुछ खास फूड्स खाने से जहां इम्यूनिटी बढ़ती है वहीं कुछ फू़ड्स इम्यूनिटी को घटाते भी हैं।

इस मौसम में एक्सपर्ट और पोषण विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि बेहतर स्वास्थ्य और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कुछ पदार्थों और प्रकार के खाद्य पदार्थों को खाने से बचना ही बेहतर है। कुछ फूड्स इम्यूनिटी कमजोर करते हैं और इंफेक्शन का खतरा बढ़ाते हैं। इन खाद्य पदार्थों से परहेज़ करने की कोशिश करें। आइए जानते हैं कि सर्दी में किन फूड्स को खाने से बचना चाहिए।

ठंडे तापमान वाले फूड्स से बचें

सर्दी में इम्यूनिटी को स्ट्रांग करना चाहते हैं तो आप ठंडी चीजों से परहेज करें।  फ्रिज का ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स, आइसक्रीम, ठंडी मिठाइयां शरीर के कोर बॉडी टेम्परेचर को अचानक गिरा देते हैं, जिससे ठंड और खांसी-जुकाम की समस्या बढ़ती है। सर्दियों में पहले से पाचन शक्ति (Agni) धीमी रहती है, ऐसे में ठंडी चीजें इसे और कमजोर कर देती हैं। ठंडा पानी आंतों में ब्लड फ्लो कम करता है, जिससे गैस, पेट दर्द, अपच जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद शुगर और गैस सूजन (inflammation) बढ़ाते हैं।

ठंडे डेयरी प्रोडक्ट्स न लें

ठंडा दूध, फलों वाला ठंडा दूध, मिल्क शेक, स्मूदी, दही  खासकर शाम  या रात में ठंडा डेयरी प्रोड्क्ट बलगम (mucus) बढ़ाता है, जिससे सर्दी-जुकाम होने की संभावना बढ़ जाती है।रात में दही लेने से तापमान गिरता है और आंतों में अम्लता बढ़ती है, जिससे पाचन कमजोर होता है। दही, शेक और स्मूदी रात में भारी पड़ते हैं और कब्ज एसिडिटी का खतरा बढ़ाते हैं। ठंडा दूध खांसी, बलगम और गले में खराश को बढ़ा सकता है।

मांसाहारी और प्रोसेस्ड फूड्स से करें परहेज

भारी मीट, प्रोसेस्ड स्नैक्स, फ्रोजन मीट का सेवन सर्दी में नहीं करें। भारी नॉन-वेज जैसे लाल मांस को पचाने में ज्यादा ऊर्जा और समय लगता है, जबकि सर्दियों में पाचन पहले ही धीमा रहता है। ये शरीर में सूजन (inflammation) बढ़ाते हैं, जिससे जॉइंट पेन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। प्रोसेस्ड फूड  जैसे चिप्स, फ्राई स्नैक्स, पैक्ड फूड में ट्रांस-फैट और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं। फ्रोजन मीट में पोषण कम होता है और यह बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा बढ़ाता है।

सलाद और कच्ची सब्जियां नहीं खाएं

सर्दी में कच्चा खीरा, टमाटर, पत्ता गोभी, मूली, लेट्यूस जैसी सब्जी का सेवन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसे खाने से शरीर ठंडा रहता हैं, इसलिए इन्हें शाम या रात में खाने पर ठंड लग सकती है। सर्दियों में कच्चा खाना पचने में ज्यादा समय लेता है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और अपच होती है। इन सब्जियों में मौजूद प्राकृतिक पानी ठंडे मौसम में मेटाबॉलिज्म कम कर सकता है। रात में कच्चा सलाद खाने से अगली सुबह भारीपन या पेट फूलने की समस्या बढ़ती है।

पैक्ड जूस, फ्रूट जूस, सोडा और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन सर्दी में नहीं करें। जूस चाहे ताज़ा हो या पैक्ड  इसमें फाइबर नहीं होता जिससे शुगर जल्दी बढ़ती है। सर्दियों में ज्यादा शुगर लेने से सूजन, मोटापा और आलस बढ़ता है। पैक्ड जूस में प्रिजर्वेटिव्स और केमिकल्स होते हैं जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं। एरेटेड ड्रिंक्स में गैस होती है जो सर्दियों में पाचन को और खराब करती है।

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