खराब डाइट का असर ओरल हेल्थ को भी बिगाड़ता है। खराब डाइट यानी डाइट में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी जैसे विटामिन B12, फोलिक एसिड, आयरन की कमी से अक्सर मुंह में छाले हो जाते हैं। अत्यधिक मसालेदार, तला हुआ या गर्म तासीर का खाना खाने से पेट में गर्मी बढ़ जाती है और पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज और एसिडिटी परेशान करती है। मुंह के छालों के लिए तनाव भी जिम्मेदार है। तनाव शरीर की इम्युनिटी को कम करता है, जिससे छाले तेजी से बनने लगते हैं। हार्मोनल बदलाव, संक्रमण, मुंह की सफाई न रखना जैसे गलत ब्रशिंग, गंदे दांत, या ओरल हाइजीन खराब होने से भी छाले बनते हैं। एलर्जी या बहुत गर्म-ठंडा खाने से भी मुंह में छालें होते हैं।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर विनोद ने बताया फिटकरी स्किन से लेकर ओरल हेल्थ तक सुधारने में असरदार साबित होती है। इसमें एंटी इंफ्लामेटरी गुण मौजूद होते हैं जो दांतों के दर्द से आराम देते हैं। मुंह के छालों का रामबाण इलाज है फिटकरी। फिटकरी का एक छोटा सा टुकड़ा एक कप पानी में भिगो दें और उस पानी को कॉटन में लेकर मुंह के छालों को साफ करें तो आपको जल्द छालों से आराम मिलेगा। ये पानी छालों की सूजन को कंट्रोल करेगा, दर्द से राहत देगा और जल्द ही छालों को दूर करेगा। आइए जानते हैं कि फिटकरी मुंह के छालों का किस तरह साइंटिफिक इलाज करती है।
फिटकरी मुंह के छालों का वैज्ञानिक रूप से किस तरह करती है इलाज ?
मेडिकल साइंस के मुताबिक फिटकरी में Astringent गुण मौजूद होते हैं जो घाव को सिकोड़कर तेज़ उपचार करते हैं। फिटकरी में astringent गुण होते हैं। यह छाले की सतह को सिकोड़ता है जिससे सूजन कम होती है, घाव जल्दी भरता है और दर्द कंट्रोल होता है। वैज्ञानिक रूप से यह प्रोटीन को संकुचित करके घाव की सतह को मजबूत बनाती है।
फिटकरी में है Antibacterial गुण
फिटकरी में है Antibacterial गुण होने के लिए ये बैक्टीरिया का विकास रोकती है। फिटकरी में aluminum sulfate और potassium sulfate जैसे यौगिक होते हैं जो बैक्टीरिया के विकास को रोकते हैं। इसे छालों पर लगाने से छालों में संक्रमण नहीं बढ़ता, बदबू और दर्द कम होता है और हीलिंग फास्ट होती है।
Anti-inflammatory गुण सूजन और जलन करते हैं कंट्रोल
फिटकरी सूजन को कम करती है क्योंकि ये म्यूकस झिल्ली को शांत करती है। ये जीभ के अंदर के ऊतकों में होने वाली जलन को कम करती है और इन्फ्लेमेशन पैदा करने वाले रसायनों (inflammatory mediators) को रोकती है। इससे छालों में दर्द, लालपन और जलन जल्दी कम होने लगता है।
ये Tissue regeneration को देती है बढ़ावा
फिटकरी घाव वाली जगह पर tissue repair की गति बढ़ाती है। इससे छाले की सतह पर नई कोशिकाएं जल्दी बनती हैं और healing तेज होती है।
ये pH करती है बैलेंस
फिटकरी बैक्टीरिया को मारकर छाला शांत करती है फिटकरी का पानी हल्का acidic pH बनाता है जो हानिकारक बैक्टीरिया को मारता है और छालों पर शांत प्रभाव डालता है। ये संक्रमण से बचाव करती है।
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