Fatty Liver Symptoms: अक्सर लोगों को लगता है कि शराब नहीं पीने से उन्हें लिवर से जुड़ी कोई परेशानी नहीं होगी। पर फैटी लिवर सिर्फ शराब के सेवन से ही नहीं बल्कि कई अन्य खान-पान से संबंधित खराब आदतों की वजह से भी हो सकता है। इस बीमारी में लिवर की सेल्स में अतिरिक्त या फिर अनवांटेड फैट की मात्रा बढ़ जाती है जिससे लिवर में सूजन आ जाती है। इस इंफ्लैमटॉरी एक्शन से लिवर के टिश्यूज कठोर हो जाते हैं। आमतौर पर फैटी लिवर के 3 प्रकार होते हैं जिनमें स्टीटोहैपेटाइटिस, स्टीटोसिस और नॉन-एल्कोहॉलिक स्टीटोहैपेटाइटिस शामिल हैं। स्टीटोहैपेटाइटिस जहां शराब के अत्यधिक सेवन के कारण होता है, वहीं, नॉन-एल्कोहॉलिक स्टीटोहैपेटाइटिस के लक्षण उन लोगों में सामने आते हैं जो शराब के सेवन नहीं करते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं इसके लक्षण-
नॉन-एल्कोहॉलिक स्टीटोहैपेटाइटिस के लक्षण: इस बीमारी की शुरुआत में मरीजों को न के बराबर ही लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन जैसे-जैसे लिवर में फैट जमने लगता है पेट में दर्द व थकान जैसे लक्षण सामने आते हैं। फैटी लिवर के कारण लोगों को पेट के दाहिने तरफ ऊपरी हिस्से में दर्द होता है। इसके अलावा, पेट में सूजन, त्वचा व आंखों का पीला पड़ना भी फैटी लिवर के लक्षण हैं। इस बीमारी में लोगों की हथेलियां लाल हो जाती हैं और त्वचा की सतह के ठीक नीचे बढ़े हुए ब्लड वेसल्स भी नजर आने लगते हैं। वहीं, तेजी से वजन घटना, कमजोर पाचन तंत्र और सुस्ती लगना भी फैटी लिवर के लक्षण हैं।
ये हैं कारण: लिवर में अतिरिक्त फैट जमा होने के पीछे कई कारण हैं जिनमें से मोटापा या फिर जरूरत से ज्यादा वजन अहम है। इसके अलावा, वैसे लोग जिनको डायबिटीज की बीमारी है उन्हें भी फैटी लिवर का खतरा रहता है। वहीं, जिनके शरीर में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है उन्हें भी फैटी लिवर को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। कई लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने आपको फिट रखने के लिए तेजी से एक्सरसाइज करते हैं और लंबे समय के लिए खाने-पीने से दूर रहते हैं। जरूरी आहार न मिल पाने की स्थिति में लिवर की प्रक्रिया प्रभावित होती है जिसकी वजह से जो भी लोग खाते हैं डाइरेक्ट फैट बनकर लिवर में जमा होने लगता है।
ऐसे करें बचाव: फैटी लिवर की समस्या अगर गंभीर हो जाए तो ये कई घातक समस्याओं को पैदा करती है। ऐसे में मरीजों को इस बीमारी से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने डाइट का ख्याल रखें। आपकी डाइट में फल, सब्जियां, साबूत अनाज और हेल्दी फैट भरपूर मात्रा में मौजूद होने चाहिए। इसके अलावा, आप अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं, तो आप कैलोरी की डेली कंज्यूम होने वाली संख्या कम करें और अधिक व्यायाम करें। वहीं, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी युक्त खाना भी लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

