Stone in Gallbladder: आजकल हेल्दी रूटीन को फॉलो करने में कोताही बरतने से कई स्वास्थ्य समस्याओं से लोग घिर जाते हैं। गॉल ब्लैडर में स्टोन यानि कि पित्त में पथरी भी एक ऐसी ही परेशानी है। लोगों में तेजी से बढ़ रही इस प्रॉब्लम के कारण पेट के ऊपरी हिस्से में असहनीय दर्द हो सकता है। बता दें कि गॉल ब्लैडर लिवर के पिछले हिस्से में स्थित थैली के आकार का होता है। ये डाइजेशन के प्रोसेस को बेहतर बनाता है, लिवर से निकलने वाला बाइल एंजाइम पित्ताशय में ही जमा होता है। गॉल ब्लैडर में सूजन, इंफेक्शन, वोमिटिंग, पेट में गैस भरना जैसी परेशानियां इस बीमारी के कुछ आम लक्षण हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट का विशेष ख्याल रखना चाहिए। आइए जानते हैं पित्ताशय में स्टोन होने पर किन चीजों के सेवन से करना चाहिए परहेज-

कोलेस्ट्रॉल युक्त खाने से रहें दूर: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गॉल ब्लैडर में पथरी 80 प्रतिशत कोलेस्ट्रॉल के कारण ही बनती है। पित्ताशय में जमा होने वाला कोलेस्ट्रॉल समय के साथ सख्त होते जाता है और ब्लैडर के अंदर ही पत्थर के रूप में फॉर्म होने लगता है। ऐसे में लोगों को तले-भुने भोजन, पैकेज्ड फूड, फ्राइड चिप्स, एयरेटेड ड्रिंक्स और हाई फैट नॉन वेज उत्पादों के सेवन से भी बचना चाहिए।

ज्यादा नमक और चीनी से करें परहेज: जब गॉल ब्लैडर में फ्लूइड्स का स्तर कम हो जाता है तो उसमें पाया जाने वाला चीनी-नमक और दूसरे माइक्रोन्यूट्रिएंट तत्व एक साथ जमा होकर छोटे-छोटे पत्थर के टुकड़ों में तब्दील हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कि चीनी व नमक के सेवन को सीमित किया जाए। गॉल ब्लैडर को सुरक्षित रखने के लिए रिफाईंड कार्ब्स से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।

जंक फूड से बनाएं दूरी: मोटापे से पीड़ित लोगों को पित्ताशय में पथरी का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग जंक व प्रोसेस्ड फूड से दूरी बना लें। इसमें मौजूद अजीनोमोटो वजन बढ़ाने का काम करता है। इसके अलावा, जंक फूड में सोडियम की मात्रा भी बहुत अधिक होती है जो गॉल ब्लैडर को नुकसान पहुंचा सकता है।

मिल्क प्रोडक्ट से करें तौबा: मिल्क प्रोडक्ट जैसे कि फुल क्रीम दूध, पनीर, चीज, क्रीम और आइसक्रीम के सेवन से भी बचना चाहिए। बता दें कि इन खाद्य पदार्थों के ब्रेक डाउन में ज्यादा समय लगता है जिससे कि शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग में स्टोन फॉर्म होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में लोगों को लो-फैट डेयरी उत्पादों का सेवन करना चाहिए।