कुदरत ने हमें सेहतमंद जीवन जीने के लिए कई ऐसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थ दिए हैं, जो शरीर के लिए किसी अमृत से कम नहीं हैं। शहद उन्हीं में से एक है, जिसे आयुर्वेद से लेकर आधुनिक पोषण विज्ञान तक में खास महत्व दिया गया है। शहद में मौजूद प्राकृतिक शर्करा, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर की कमजोरी को दूर करने और इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब लोग थकान, तनाव और एनर्जी की कमी महसूस करते हैं ऐसे में शहद शरीर को नेचुरल तरीके से एनर्जी देने का काम करता है। सद्गुरु के अनुसार अगर शहद को सही तरीके और सही तापमान पर लिया जाए, तो ये शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मददगार हो सकता है। नियमित और संतुलित मात्रा में शहद का सेवन मौसमी बीमारियों से बचाव करता है और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने में मददगार होता है। रोज शहद का सेवन शरीर को फुर्तिला बनाता है।
सद्गुरु जग्गी वासुदेव के मुताबिक शहद एक प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत है, जिसमें आसानी से पचने वाली शर्करा होती है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देने का काम करती है। उनके अनुसार, सुबह खाली पेट शहद का सेवन करने से शरीर को दिनभर काम करने की ऊर्जा मिल सकती है। शहद को संपूर्ण आहार इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट के साथ एंटीऑक्सीडेंट और सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की कार्यक्षमता को सपोर्ट करते हैं। आइए जानते हैं कि शहद को रोज खाने से सेहत पर कैसा असर होता है।
शहद कैसे कमजोरी और थकान को दूर करता है रिसर्च से समझें?
शहद को दुनिया का सबसे पुराना ‘नेचुरल एनर्जी ड्रिंक’ माना जाता है। विज्ञान के नजरिए से शहद थकान और कमजोरी दूर करने के लिए असरदार है, क्योंकि ये रक्त में सीधे मिलकर ऊर्जा का संचार करता है। मेम्फिस यूनिवर्सिटी की रिसर्च (University of Memphis Exercise and Sport Nutrition Lab) में एथलीटों पर शहद के प्रभाव का अध्ययन किया गया था। शोधकर्ताओं ने पाया कि शहद व्यायाम के दौरान मांसपेशियों को ऊर्जा प्रदान करने के लिए ‘बेस्ट कार्बोहाइड्रेट’ स्रोतों में से एक है। यह ग्लूकोज के स्तर को लंबे समय तक स्थिर रखता है, जिससे एथलीटों को थकान महसूस नहीं होती। जर्नल ऑफ स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग रिसर्च में पाया गया कि शहद कमजोरी को दूर करने में मदद करता है।
शहद के सेहत के लिए फायदे
शहद एक प्राकृतिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थ है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक शर्करा थकान और कमजोरी को कम करती है। शहद पाचन को बेहतर बनाता है, गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत दे सकता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं और मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक होते हैं। शहद गले की खराश और खांसी में आराम देता है। यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है और नेचुरल ग्लो बढ़ाने में मदद करता है। नियमित और सही तरीके से सेवन करने पर शहद शरीर और दिमाग दोनों को सक्रिय रखता है।
सावधानी भी है जरूरी
शहद को कभी भी उबलते हुए पानी या गर्म दूध में न डालें। अत्यधिक गर्मी शहद के औषधीय गुणों को नष्ट कर देती है और इसे विषाक्त बना सकती है। इसे हमेशा ‘गुनगुने’ (Lukewarm) पानी में मिलाकर ही लें।
निष्कर्ष
शहद में फ्रुक्टोज (Fructose) और ग्लूकोज (Glucose) का एक अनोखा मेल होता है। ग्लूकोज तुरंत ऊर्जा देता है, जबकि फ्रुक्टोज धीरे-धीरे पचता है, जिससे शरीर को लंबे समय तक (Long-lasting) ताकत मिलती रहती है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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