लाल, रसीले और दानेदार अनार को देखते ही उसे खाने की इच्छा अपने आप जाग उठती है। खट्टे-मीठे स्वाद से भरपूर ये फल न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिहाज़ से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। अनार का सेवन इम्यूनिटी को मजबूत करता है, शरीर को एनर्जी देता है और कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है। अनार को पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए भी एक नेचुरल औषधि माना जाता है। रोज़ाना अनार खाने से पेट को ठंडक मिलती है, एसिडिटी कम होती है, पेट के अल्सर में राहत मिलती है और लूज मोशन जैसी दिक्कतों को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसके अलावा अनार कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखता है और दिल की सेहत को दुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनॉल कंपाउंड हार्ट अटैक के खतरे को कम करने और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने में सहायक होता हैं।

लेकिन दिलचस्प बात यह है कि सेहत से भरपूर अनार का जूस कुछ लोगों में फायदे की जगह परेशानी भी पैदा कर देता है। कई लोग अनार का जूस पीने के बाद पेट फूलने, गैस और भारीपन की शिकायत करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब अनार पेट के लिए इतना फायदेमंद है तो इसका जूस पीने से पेट फूलने की समस्या क्यों होने लगती है?

अनार का जूस कैसे ब्लोटिंग का कारण बनता है?

जिंदल नेचर केयर इंस्टीट्यूट की चीफ डाइटीशियन सुषमा पीएस के अनुसार सेहत के लिए उपयोगी अनार का जूस कुछ लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, अगर वो लगातार और ज्यादा मात्रा में अनार का जूस पिएं तो उन्हें कब्ज की शिकायत हो सकती है। पाचन से जुड़ी इस समस्या के लोग अनार का जूस पिएं तो उन्हें गैस और ब्लोटिंग हो सकती है।

एक्सपर्ट बताती हैं कि अनार का कसैला स्वभाव कब्ज से जूझ रहे लोगों की आंतों पर असर डालता है। इसकी वजह से आंतों में वायु और स्पेस बढ़ने लगता है, जिससे पेट भारी महसूस होता है और ब्लोटिंग की शिकायत होने लगती है। इसलिए कब्ज की समस्या वाले लोगों को अनार का जूस सीमित मात्रा में और सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है।

अनार का जूस कैसे कब्ज का कारण बनता है?

अनार के जूस में फाइबर निकल जाता है और इसमें मौजूद ‘टैनिन’ (Tannin) आंतों की गति को धीमा कर सकता है, जिससे कब्ज और पेट फूलने (Bloating) की समस्या बढ़ सकती है। Journal of Agricultural and Food Chemistry की रिपोर्ट्स के अनुसार, टैनिन्स में ‘एस्ट्रिंजेंट’ (Astringent) गुण होते हैं। ये आंतों की मांसपेशियों के संकुचन को धीमा कर देते हैं। अनार के जूस में नेचुरल शुगर फ्रुक्टोज काफी ज्यादा होती है। रिसर्च के मुताबिक कई लोगों का शरीर फ्रुक्टोज को छोटी आंत में पूरी तरह सोख नहीं पाता। जब ये अनपचा फ्रुक्टोज बड़ी आंत में पहुंचता है, तो वहां मौजूद बैक्टीरिया इस पर हमला करते हैं। इस प्रक्रिया में तेजी से गैस रिलीज होती है, जिससे पेट गुब्बारे की तरह फूल जाता है और मरोड़ (Cramps) महसूस होती है।

नानावटी मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की रजिस्ट्री डायटीशियन और क्लिनिकल न्यूट्रिशन एक्सपर्ट उषा किरण सिसोदिया के अनुसार, पेट में गैस बनने की सबसे बड़ी वजह ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिन्हें पचाना शरीर के लिए मुश्किल होता है। मसालेदार, ऑयली, कसैले खाद्य पदार्थ, गेहूं से बने फूड्स और फलियां गैस, ब्लोटिंग और अपच बढ़ा सकती हैं। पेट फूलने से बचने के लिए हल्का, आसानी से पचने वाला भोजन लेना चाहिए, जिससे पाचन बेहतर रहे और मेटाबॉलिज्म भी एक्टिव बना रहे।

अनार का जूस पीने का सही तरीका, ब्लोटिंग से मिलेगी राहत

आयुर्वेदिक थायराइड एक्सपर्ट डॉ. अलका विजयन के अनुसार अगर अनार का जूस पीने से पेट फूलना या गैस की शिकायत होती है तो इसके सेवन के तरीके में थोड़ा बदलाव फायदेमंद हो सकता है। अनार के जूस में एक मुट्ठी काली किशमिश मिलाकर पीने से पाचन बेहतर होता है और ब्लोटिंग कम होती है। इसके अलावा जूस में एक चुटकी पिसा काला नमक मिलाने से गैस की समस्या में राहत मिलती है। ये दोनों उपाय पेट की परेशानी को नेचुरल तरीके से शांत करने में मदद करते हैं।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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