खराब डाइट और बिगड़ते लाइफस्टाइल का असर सिर्फ हमारी बॉडी पर ही नहीं पड़ता बल्कि हमारे बालों पर भी पड़ता है। सफेद बाल उम्रदराज लोगों की निशानी माने जाते हैं लेकिन अब कम उम्र में भी लोगों के बाल सफेद हो रहे हैं। आप जानते हैं कि बाल सफेद होने के लिए बॉडी के अंदर का असंतुलन जिम्मेदार हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार बाल सफेद होने के लिए पित्त दोष का बढ़ना जिम्मेदार होता है।

भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र (Hansa Yogendra) के मुताबिक बाल तब सफेद होते हैं जब बालों की अंदरूनी परत यानी कॉर्टेक्स मेलेनिन बनाना कम या बंद कर देती है। मेलेनिन कम बनने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे जेनेटिक कारण, लंबे समय तक तनाव और मानसिक दबाव होना,नींद की कमी, पित्त दोष का असंतुलन, थायराइड डिसऑर्डर, एनीमिया और पोषक तत्वों की कमी, ज्यादा केमिकल युक्त शैंपू और हेयर प्रोडक्ट्स, सूरज की तेज़ UV किरणों का अधिक संपर्क होना जिम्मेदार हो सकता है।

मेलाटोनिन और बालों के रंग का क्या कनेक्शन है?

मेलाटोनिन हार्मोन जिसे नींद का हॉर्मोन कहा जाता है। ये हॉर्मोन नींद के साथ-साथ मेलेनिन प्रोडक्शन को सपोर्ट करता है। बॉडी में मेलाटोनिन का स्तर कम होने पर बालों को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता और बालों का रंग सफेद होने लगता है। बालों को सफेद होने से बचाने के लिए बॉडी में मेलाटोनिन का निर्माण करना जरूरी है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं मेलाटोनिन बढ़ाने और बालों को पोषण देने वाले आयुर्वेदिक उपाय।

डाइट से दें बालों को पोषण

बालों के सफेद होने के लिए पित्त दोष बढ़ने को जिम्मेदार माना जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक पित्त को शांत करने और शरीर को ठंडक देने वाले नेचुरल तरीके से बॉडी में मेलाटोनिन का निर्माण करने में मदद करते हैं। डाइट में मिठास, कड़वा और कसैले रस वाले फल और सब्जियां खाएं। Journal of Pineal Research में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, ट्रिप्टोफैन-रिच डाइट लेने वालों में मेलाटोनिन का स्तर ज्यादा पाया गया। ट्रिप्टोफैन से भरपूर फूड्स में बादाम, अखरोट,खजूर, दूध और दही, ओट्स, केला, हरी सब्जियों को डाइट में शामिल करें।

नारियल पानी करेगा असर

नारियल पानी शरीर को ठंडक देता है और मेलाटोनिन बैलेंस करने में मदद करता है। हर दिन सुबह 10 से 12 बजे के बीच एक गिलास ताजा नारियल पानी पिएं आपकी बॉडी में नेचुरल तरीके से मेलाटोनिन का निर्माण होगा। Nutrients Journal के अनुसार, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने पर मेलाटोनिन का निर्माण कम या बंद हो जाता है।  नारियल पानी इन मिनरल्स के जरिए नर्वस सिस्टम को शांत करता है, जिससे दिमाग मेलाटोनिन बेहतर तरीके से रिलीज कर पाता है।

हरी सब्जियां खाएं

हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो स्कैल्प को पोषण देती हैं और हार्मोनल संतुलन बनाए रखती हैं।

खजूर और बादाम खाएं

खजूर और बादाम दो ऐसे हेल्दी फूड्स है जो  मेलाटोनिन प्रोडक्शन और बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं। इन फलों में मौजूद मिनरल्स और हेल्दी फैट्स  बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं। रोज सुबह 2–3 भीगे बादाम और 2–3 खजूर का सेवन करने से नेचुरल तरीके से मेलाटोनिन का निर्माण होता है।

हर्बल वॉटर पिएं बालों के लिए है असरदार

धनिया और जीरे का पानी एक ऐसा हर्बल ड्रिंक है जो पित्त दोष को शांत करता है। इस पानी का सेवन करने से पाचन में सुधार होता है और नींद की क्वालिटी बेहतर होती है। इस पानी को बनाने के लिए आप 1 चम्मच धनिया या जीरा हल्का कूट लें। अब 2 कप पानी में जीरा या धनिया को उबालें, जब पानी 1 कप रह जाए तो छान लें। दिन में धीरे-धीरे इस पानी का सेवन करें आपकी बॉडी में नेचुरल तरीके से होगा मेलाटोनिन का निर्माण।

निष्कर्ष

बालों का सफेद होना पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन आयुर्वेदिक डाइट, सही दिनचर्या और मेलाटोनिन को संतुलित रखकर इस प्रक्रिया को धीमा जरूर किया जा सकता है। सबसे ज़रूरी है शरीर और मन दोनों को संतुलन में रखना।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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