Night Bloating: कुछ लोग ऐसे है कि जिनका पाचन दिन भर ठीक रहता है लेकिन जैसे ही शाम होती है उनका पाचन बिगड़ने लगता है। उनके पेट में गैस बनने लगती है, परेशानी तब होती है जब डिनर किया जाता है। खाना खाते ही पेट फूल जाता है और ब्लोटिंग से दिक्कत होती है। हर पांच में से एक व्यक्ति को हफ्ते में कम से कम एक बार ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या होती है। रिसर्च बताती है कि करीब 75% पाचन संबंधी समस्याएं जैसे ब्लोटिंग और एसिडिटी दिन की बजाय रात में होती हैं। कुछ लोगों का पेट डिनर के बाद भारी हो जाता है और उन्हें टाइटनेस महसूस होती है। ऐसे में बेचैनी बढ़ जाती है।
पाचन से जुड़ी इन परेशानियों के लिए हमेशा गलत डाइट जिम्मेदार नहीं होती बल्कि पाचन शक्ति का कमजोर होना भी जिम्मेदार होता है जो रात के समय तेजी से अपने लक्षण दिखाते हैं। कमजोर पाचन शक्ति को कुछ खाने की आदतें और कमजोर कर देती हैं जैसे देर से खाना खाना, जल्दी-जल्दी खाना, अनियमित खाने का समय पाचन को और बिगाड़ देता है।
भारतीय योग गुरु, लेखक, शोधकर्ता और टीवी पर्सनालिटी डॉक्टर हंसा योगेंद्र (Hansa Yogendra) ने बताया अगर आप भी कमजोर पाचन से परेशान है, रात होते ही पेट फूलने लगता है तो आप एक खास ड्रिंक का सेवन करें। ये ड्रिंक किचन में मौजूद मसालों से तैयार होता है जो पेट की गैस को कंट्रोल करता है और ब्लोटिंग से निजात दिलाता है। डिनर के बाद सिर्फ एक कप ये ड्रिंक पीने से सोते समय पाचन को सपोर्ट मिलता है, आप सुबह हल्का महसूस करते हैं और पेट फूला हुआ नहीं दिखता। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि ब्लोटिंग कंट्रोल करने के लिए ड्रिंक कैसे तैयार करें और ये कैसे पाचन को दुरुस्त करता है।
सामग्री
- सौंफ – ½ छोटा चम्मच
- जीरा – ½ छोटा चम्मच
- अजवाइन – ½ छोटा चम्मच
- ताज़ा अदरक – आधा इंच टुकड़ा (कुटा हुआ)
- दालचीनी – 1 छोटा टुकड़ा
- तुलसी के पत्ते – 3–4
- सूखी तुलसी पाउडर – 1 छोटा चम्मच
- पानी – 1½ कप
बनाने की विधि
सौंफ, जीरा,अजवाइन,अदरक,दालचीनी, तुलसी के पत्तों का ड्रिंक बनाने के लिए आप सभी सामग्री को पानी में डालें और धीमी आंच पर उबाल आने दें। सभी चीजों को 7–8 मिनट तक हल्का उबालें, गैस बंद करें और ढककर 2–3 मिनट रखें। कुछ देर बाद पानी को छान लें और गुनगुना ही उसका सेवन करें।
ब्लोटिंग कंट्रोल करने में जीरा और सौंफ कैसे करता है असर
सौंफ और जीरा दो ऐसे मसाले हैं जो ब्लोटिंग का इलाज करने में असरदार साबित होते हैं। ये मसालें आंतों की मांसपेशियों को रिलैक्स करते हैं और पेट में बनने वाली गैस को आसानी से बाहर निकालने में मदद करते हैं। इन मसालों का पानी पाचन एंजाइमों के स्राव को बढ़ाता हैं और कमजोर पाचन को मजबूत करता है। आयुर्वेद में ये वात दोष को संतुलित करता हैं जो पेट की गैस और ब्लोटिंग का मुख्य कारण है। Middle East Journal of Digestive Diseases में प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक जीरे में थाइमोल(Thymol) नामक एक सक्रिय यौगिक होता है। थाइमोल Pancreas को एंजाइम, पित्त और एसिड स्रावित करने के लिए उत्तेजित करता है। जब पाचन एंजाइम्स सही मात्रा में निकलते हैं, तो भोजन पेट में सड़ने के बजाय जल्दी पच जाता है। इससे गैस और ब्लोटिंग की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाती।
अजवाइन कैसे ब्लोटिंग कंट्रोल करने में है जिम्मेद
अजवाइन को आयुर्वेद और मेडिकल साइंस में गैस का इमरजेंसी रिलीफ कहा जाता है। अजवाइन में मौजूद थायमॉल गैस्ट्रिक जूस को बेहतर बनाता है। इसका सेवन करने से भारी भोजन को पचाने में मदद मिलती है जिससे बिना पेट की परत को नुकसान पहुंचे फंसी हुई गैस पेट से बाहर निकल जाती है। अजवाइन एक ‘नेचुरल कैल्शियम चैनल ब्लॉकर’ की तरह काम करती है, जो आंतों की चिकनी मांसपेशियों को तुरंत रिलैक्स (आराम) करती है। इससे फंसी हुई गैस आसानी से शरीर से बाहर निकल जाती है और पेट का फूलना बंद हो जाता है।
अदरक और दालचीनी
अदरक औषधीय गुणों से भरपूर मसाला है जो पेट को जल्दी खाली करने में मदद करता है। ये मसाला पाचन की प्रक्रिया को तेज करता है। दालचीनी भी पाचन के लिए असरदार मसाला है जो आधे पचे खाने के किण्वन (fermentation) को रोकती है, जो रात में गैस बनने की बड़ी वजह होती है। World Journal of Gastroenterology और Nutrients Journal की रिसर्च के मुताबिक अदरक में जिंजरोल और शोगोल नामक सक्रिय तत्व होते हैं जो गैस गैस्ट्रिक एम्टिंग की प्रक्रिया को तेज करते है। इसका मतलब है कि ये भोजन को पेट से छोटी आंत में जल्दी भेज देता है। जब खाना पेट में ज्यादा देर तक नहीं रुकता, तो गैस बनने और ब्लोटिंग की संभावना खत्म हो जाती है।
तुलसी
तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर मसाला है जो पाचन तंत्र को शांत करता है। इसका सेवन करने से नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है। रात के समय पाचन के लिए शांत नर्वस सिस्टम बहुत जरूरी होता है। Applied Physiology, Nutrition, and Metabolism रिसर्च के मुताबिक तुलसी के पत्तों में यूजेनॉल नामक एक सक्रिय तेल होता है जोपेट में सुरक्षात्मक म्यूकस (Mucus) की परत को बढ़ाता है और पेट के एसिड को कम करता है। तुलसी के पत्ते पेट के नाजुक ऊतकों को एसिड डैमेज से बचाकर अल्सर को रोकने और पाचन को मजबूत करने में मदद करते हैं।
मसालों से तैयार ये ड्रिंक कैसे करता है पाचन को स्पोर्ट
ये ड्रिंक पाचन को बिना शरीर को गर्म किए सपोर्ट करता है। इसका सेवन करने से गैस को ऊपर की बजाय नीचे की ओर मूव करने में मदद मिलती है। ये ड्रिंक रात में पीने से गहरी और सुकून भरी नींद आती है।
ड्रिंक का सेवन खाने से पहले करें या बाद में
इस हेल्दी ड्रिंक का सेवन आप रात के खाने के 20–30 मिनट बाद करें। याद रखें कि आप खाना खाते ही ये ड्रिंक नहीं पिएं, पहले खाने को थोड़ी देर पचने दें फिर इसे पिएं। दिन में सिर्फ 1 कप ये ड्रिंक सेहत के लिए असरदार साबित होगा। आप इसे हफ्ते में 3–4 बार पी सकते हैं।
जरूरी सावधानियां
- अगर एसिडिटी या शरीर में ज्यादा गर्मी रहती है, तो अदरक और दालचीनी की मात्रा थोड़ी कम करें।
- बहुत देर रात खाने वालों में इसका असर सीमित हो सकता है।
- यह ड्रिंक गलत खान-पान की भरपाई नहीं करती, बल्कि उसे सपोर्ट करता है
- कुछ आदतें अपनाएं जैसे सोने से कम से कम 2 घंटे पहले डिनर करें।
- खाने के बाद 5–10 मिनट हल्की वॉक करें।
- रात में कच्चा सलाद, दही और भारी मिठाइयों से बचें
- ध्यान करें। ध्यान से मन शांत होता है और पाचन दुरुस्त रहता है।
निष्कर्ष
- ये ड्रिंक कोई जादुई ड्रिंक नहीं है, ये सिर्फ पाचन को स्पोर्ट करता है। इसे रात में पीने से नींद गहरी आती है और एनर्जी बूस्ट होती है। जब एनर्जी बूस्ट होती है तो ज़िंदगी हल्की लगती है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
न डाइटिंग, न कड़वी दवाएं, सिर्फ 5 स्मार्ट बदलाव और डायबिटीज रहेगी कोसों दूर, एक्सपर्ट ने बताया आसान फॉर्मूला। पूरी जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करें।
