एक शोध के अनुसार, लगभग 25 प्रतिशत लोग फैटी लिवर की परेशानी का सामना कर रहे हैं। फैटी लिवर की बीमारी एक ऐसी स्थिति है जो समय के साथ लिवर में फैट का निर्माण करती है। फैटी लीवर की बीमारी दो प्रकार की होती है: अल्कोहॉलिक और नॉनअल्कोहॉलिक। एल्कोहल फैटी लिवर की बीमारी अधिक शराब के सेवन से होती है। नॉनअल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज शराब के उपयोग से संबंधित नहीं है। ये बीमारी होने पर लिवर में सूजन हो जाती है या फिर वो संकुचित यानि कि सिकुड़ जाता है। इस वजह से खाना पचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आपको इस समस्या से निजात पाने के लिए कुछ घरेलू उपचारों की मदद लेनी चाहिए। आइए जानते हैं उन उपचारों के बारे में-
ग्रीन-टी: एक शोध के अनुसार, ग्रीन-टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर से फैट को कम करने में मदद करता है और लिवर के कार्य को बेहतर करता है। इसके अलावा ग्रीन टी में फैट बर्न करने वाले कई अन्य तत्व भी मौजूद हैं जो लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
ओमेगा -3 सप्लीमेंट्स लें: कुछ प्रकार के फैट आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। ओमेगा -3 फैटी एसिड, पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होते हैं जो ऑयली फिश और कुछ नट और बीज जैसे फूड्स में पाए जाते हैं। वे हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभ के लिए जाने जाते हैं।
अधिक शुगर वाले फूड्स से बचें: रिसर्च के अनुसार, शुगर में फ्रूक्टोज और सुक्रोज होता है जिसके कारण लिवर में फैट बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यदि आप फैटी लिवर की समस्या से बचना चाहते हैं तो अधिक शुगर वाले फूड्स के सेवन से बचें। कैंडी, सॉफ्ट ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, केक, कुकीज जैसे फूड्स को खाने से बचें।
एक्टिव रहें: यदि आपको फैटी लिवर की समस्या है या फिर आप बीमारी से खुद को बचाना चाहते हैं तो रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक जरूर करें। इसके अलावा अपनी रोजाना की लाइफस्टाइल में अन्य फिजिकल एक्टिविटी भी शामिल करें। ऐसा करने से आपको और भी कई स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे।
वजन कंट्रोल में रखें: मोटापा भी फैटी लिवर की बीमारी का एक मुख्य कारण होता है। इसलिए यदि आप इस बीमारी से खुद को बचाना चाहते हैं तो वजन कंट्रोल में रखने की कोशिश करें। साथ ही शरीर में फैट को भी एकत्रित ना होने दें।

