अगर पेट साफ नहीं रहता, कब्ज बनी रहती है और खाना ठीक से पचता नहीं तो सुबह का पहला आयुर्वेदिक ड्रिंक आपकी पाचन से जुड़ी इस समस्या का समाधान साबित हो सकता है। आयुर्वेद में कुछ देसी हर्ब ऐसे हैं जो  क्रोनिक से क्रोनिक कब्ज का भी इलाज कर सकते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक गोंद कतीरा एक ऐसा हर्ब है जिसका सेवन करके आसानी से पेट से जुड़ी परेशानियों जैसे कब्ज, अपच और ब्लोटिंग का इलाज किया जा सकता है। ये एक ऐसा आयुर्वेदिक हर्ब है जिसे रात में दूध में भिगोकर सुबह पी लिया जाए, तो पेट की जमा हुई गंदगी नैचुरल तरीके से बाहर निकलती है। इसका सेवन करने से आंतें साफ होती हैं और पाचन शक्ति बेहद मजबूत बनती है। यह हर्ब अंदर से डिटॉक्स करके बॉडी को हल्का, एनर्जेटिक और एक्टिव महसूस कराता है।

एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर और प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट  डॉक्टर विमल छाजेड़ के मुताबिक गोंद कतीरा घुलनशील फाइबर (soluble fiber) से भरपूर होता है जो पानी को सोखकर जेली जैसा रूप ले लेता है। अगर रात में दूध में गोंद कतीरा भिगों दें और सुबह उसे खा लें तो स्टूल नर्म होता है और आसानी से आंतों में मूव करता है। इसका सेवन करने से नेचुरल तरीके से कब्ज दूर होता है। आइए जानते हैं कि गोंद कतीरा पाचन के लिए कैसे अमृत है और इसका सेवन करने से सेहत पर कैसा होता है असर।

गोंद कतीरा कैसे कब्ज की समस्या नैचुरली करता है खत्म

गोंद कतीरा आंतों को लुब्रिकेट करता है, इसके जेल फॉर्म की वजह से यह इंटेस्टाइन की लाइनिंग को स्मूथ बनाता है इससे बॉवेल मूवमेंट आसान होता है और आंतों पर दबाव कम पड़ता है। क्रॉनिक कब्ज में भी ये हर्ब राहत देता है। गोंद कतीरा प्रीबायोटिक की तरह भी काम करता है। यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है जिससे डाइजेशन बेहतर होता है। इसका सेवन करने से पेट की गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग कम होती है और गट बैलेंस मजबूत होता है। इसकी कूलिंग प्रॉपर्टी आंतों में होने वाली हल्की सूजन और जलन को कम करती है। इससे खाना आसानी से पचता है और इंडाइजेशन से राहत मिलती है।

कब्ज का बड़ा कारण शरीर में पानी की कमी होता है। अगर आप कब्ज को दूर करने के लिए गोंद कतीरा को दूध में भिगोकर खाते हैं तो बॉडी हाइड्रेट रहती है। ये पाचन एंजाइम्स को ठीक से काम करने में मदद करता है। कब्ज और डाइजेशन को दुरुस्त करने के लिए आप रात में 1–2 चम्मच गोंद कतीरा दूध में भिगो दें, सुबह जेली बनने पर सादा पानी या दूध में मिलाकर पी सकते हैं।

गोंद कतीरा के सेहत के लिए फायदे

गोंद कतीरा गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देने और डिहाइड्रेशन से बचाने वाला एक प्राकृतिक और आयुर्वेदिक पदार्थ है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन को सुधारता है, कब्ज को दूर करता है और आंतों को साफ रखने में मदद करता है। इसका जेली जैसा टेक्सचर आंतों को लुब्रिकेट करके बॉवेल मूवमेंट को आसान बनाता है, जिससे गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।

गोंद कतीरा शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखता है, जिससे हीट स्ट्रोक और गर्मी में होने वाली नकसीर को रोकने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी गुण त्वचा को मॉइस्चराइज करते हैं, मुंहासों को कम करते हैं और स्किन की इलास्टिसिटी बढ़ाकर नेचुरल ग्लो देते हैं। यह फाइबर और कूलिंग इफेक्ट के कारण वजन कम करने में भी मददगार है क्योंकि यह क्रेविंग घटाता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में मदद करता है। हड्डियों और जोड़ों के लिए भी यह फायदेमंद है क्योंकि इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

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