Stone in Gallbladder: आज के समय में लोग हेल्दी डाइट को फॉलो करने में लापरवाही बरतते हैं जिसका नकारात्मक प्रभाव उनके शरीर पर पड़ता है। समय पर खाना नहीं खाना, बाहर के खाने को अधिक तवज्जो देना, ये कुछ ऐसी आदते हैं जो व्यक्ति को बीमार बना सकती हैं। ऐसी ही एक परेशानी है गॉल ब्लैडर में स्टोन जिसे पित्त की पथरी भी कहा जाता है। ये बीमारी काफी तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही है। इस स्थिति में पित्ताशय की थैली में छोटे पत्थर बनने लगते हैं।
क्या है पित्ताशय की भूमिका: बता दें कि गॉल ब्लैडर लिवर के पिछले हिस्से में स्थित थैली के आकार का होता है। ये डाइजेशन के प्रोसेस को बेहतर बनाता है, लिवर से निकलने वाला बाइल एंजाइम पित्ताशय में ही जमा होता है। जब व्यक्ति खाना खाता है गॉल ब्लैडर इसे खींच कर छोटी आंत के ऊपरी हिस्से में भेजता है, इस प्रक्रिया को डुओडेनियम कहते हैं। इसके साथ ही पाचन क्रिया शुरू होती है।
क्यों होता है गॉल ब्लैडर में स्टोन: ये परेशानी किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। आमतौर पर माना जाता है कि डायबिटीज, मोटापा या कोई दूसरी बीमारी से जो लोग लंबे समय तक पीड़ित होते हैं, उन्हें ये समस्या हो सकती है। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी में या फिर किसी दवा के अत्यधिक सेवन से भी पित्ताशय में पथरी हो सकती है। वहीं, खराब डाइट भी इस बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकती है।
क्या हैं लक्षण: गॉल ब्लैडर में सूजन, इंफेक्शन, वोमिटिंग, भारीपन और पेट में गैस भरना जैसी परेशानियां इस बीमारी के कुछ आम लक्षण हैं। इसके अलावा, बदहजमी, खट्टी डकार, एसिडिटी और पसीना ज्यादा आने पर भी डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी जाती है।
इन फूड्स से करें परहेज: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट का विशेष ख्याल रखना चाहिए। चीनी व नमक कम खाएं, फ्राइड और पैकेज्ड फूड्स से दूरी बनाएं। चिप्स, एयरेटेड ड्रिंक्स और हाई फैट नॉन वेज उत्पादों के सेवन से भी बचना चाहिए। वहीं, फुल क्रीम दूध, पनीर, चीज, क्रीम और आइसक्रीम खाना भी हानिकारक हो सकता है। शराब-कॉफी से दूरी बनाएं, वहीं पालक, भिंडी, चुकंदर और टमाटर के सेवन से भी बचें।
इन्हें करें डाइट में शामिल: हल्दी, सेब का सिरका, नींबू को डाइट में शामिल करें। गाजर और ककड़ी का रस पीयें, नाशपाती खाएं और हरी सब्जियों से भी आराम मिलेगा।
