बारिश के मौसम में एलर्जी और इंफेक्शन होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में ध्यान रखना बेहद जरूरी है। कोई भी लापरवाही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में आयुर्वेद की मदद से आप बारिश के मौसम में अपनी सेहत का ध्यान रख सकते हैं। अश्वगंधा, नीम, गिलोय की मदद से आप बारिश के मौसम में खुद को इंफेक्शन और एलर्जी से बचा सकते हैं। इसमें मौजूद तत्व शरीर को वायरस और बैक्टीरिया के संक्रमण से बचाते हैं और शरीर को अन्य कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। आइये जानते हैं बारिश के मौसम में आप किन आयुर्वेदिक उपायों की मदद से खुद को इंफेक्शन से बचा सकते हैं-

नीम: नीम के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होता है जो शरीर को बैक्टीरिया और वायरस से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा नीम के पत्तों का सेवन करने से एलर्जी और इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है। एलर्जी और इंफेक्शन से खुद को बचाने के लिए खाली पेट नीम के पत्तों को पीसकर पानी में मिलाकर पीना चाहिए तथा उसके आधे घंटे तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए।

अरण्डी का तेल: बारिश के मौसम में लोगों को रोजाना सुबह के समय में खाली पेट 5 बूंदे अरण्डी का तेल, या रस पानी में डालकर पीना चाहिए। यह ना सिर्फ पेट की समस्याओं को ठीक करता है, बल्कि एलर्जी और इंफेक्शन से भी बचाने में मदद करता है। इसके अलावा पूरे दिन शरीर को ऊर्जावा भी रखता है।

अश्वगंधा: अश्वगंधा में एंटीसेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है जो शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करता है और एलर्जी और इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा यह एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो शरीर को ऊर्जा और सहनशक्ति भी प्रदान करता है। बारिश के मौसम में अश्वगंधा खाने से सर्दी-जुकाम से भी छुटकारा मिलता है और स्टैमिन भी बढ़ती है।

आवंले का चूर्ण: रोजाना आवंले के चूर्ण में थोड़ी सी हल्दी में मिलाकर पानी के साथ सेवन करने से एलर्जी जल्द ही ठीक हो जाती है। इसके अलावा आंवले का चूर्ण शरीर में संक्रमण से लड़ने वाले सुरक्षात्मक सफेद रक्त कोशिकाओं की प्रभावशीलता को बढ़ाने में मदद करता है। इसका सेवन बैक्टीरिया और कीटाणुओं से लड़ने के लिए शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है।