Thyroid Symptoms: आज के समय में थायरॉइड की बीमारी बहुत ही आम बन चुकी है। खराब जीवन-शैली और अनहेल्दी खानपान के कारण कई लोग इस बीमारी से ग्रस्त हो रहे हैं। पहले थायरॉइड को बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों में गिना जाता था लेकिन अब युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं। हालांकि, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ये बीमारी अधिक देखने को मिलती है। थायरॉइड ग्लैंड गर्दन में एडम्स ऐप्पल के पास होती है, जिसका आकार तितली के सामान होता है।
इस ग्लैंड से थायरॉक्सिन नामक हार्मोन निकलता है जिससे शरीर की एक्टिविटीज को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलती है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति में थायरॉइड ग्लैंड ज्यादा या कम मात्रा में ये हार्मोन पैदा करने लगता है तो उस स्थिति को थायरॉइड कहते हैं। इस बीमारी के ज्यादातर मामलों में लक्षण जल्दी समझ नहीं आते पर अगर आपको ज्यादा भूख लगती हो तो थायरॉइड का टेस्ट जरूर करवाएं-
मेटाबॉलिज्म को करता है प्रभावित: हाइपर थायरॉइड की बीमारी में लोगों का मेटाबॉलिज्म बुरी तरह से प्रभावित होता है जिससे कि भोजन को पचने में अधिक समय नहीं लगता। जल्दी भोजन पच जाने के वजह से इस बीमारी के मरीजों को बार-बार भूख लगती है। मेटाबॉलिज्म पर असर पड़ने के कारण कब्ज या फिर पेट खराब की समस्या होना भी थायरॉइड संकेत करता है। थायरॉइड के लक्षण महसूस होने पर आप थाइरॉइड से जुड़े टेस्ट करवा सकते हैं। थायरॉइड स्टिमुलेटिंग हार्मोन टेस्ट (TSH) इस बीमारी को पहचानने के लिए काफी सामान्य टेस्ट है। शरीर में बुखार और थकान होने जैसी सामान्य समस्याओं में भी यह टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है।
थायरॉइड से जुड़े जांच किन्हें करवाना चाहिए: जिन लोगों का वजन बढ़ा हुआ हो उन्हें नियमित रूप से कुछ दिनों के अंतराल पर थायरॉइड टेस्ट कराते रहना चाहिए। इसके अलावा, वैसे लोग जो बिना किसी कारण थक जाते हैं या फिर जिनका शरीर हर वक्त सूजा हुआ रहता है वो भी टेस्ट करवा सकते हैं। आमतौर पर ये टेस्ट 40 साल के बाद कराने की सलाह दी जाती है पर आज की लापरवाह जीवनशैली में युवा भी इस बीमारी के लक्षणों से पीड़ित हैं। ऐसे में जिन लोगों में भी ऐसे लक्षण दिखाई देते हों, वो ये टेस्ट करवा सकते हैं।
आत्म निगरानी भी है जरूरी: थायरॉइड का पता लगाने में कई आत्म निरीक्षण भी फायदेमंद हो सकता है। इस बीमारी में मरीजों के व्यवहार में कई बदलाव देखने को मिलते हैं, इनमें से एक भ्रम या कन्फ्यूजन की स्थिति भी है। प्रेग्नेंसी के बाद भी महिलाओं को इस बीमारी के प्रति अति सजग रहने की जरूरत है। वहीं, डायबिटीज के मरीजों को भी इस बीमारी से बचने के लिए अपना बहुत ख्याल रखना चाहिए। अगर आपको गर्दन को हिलाने में या इधर-उधर देखने में दिक्कत हो रही है तो भी आप थायरॉइड के शिकार हो सकते हैं।
