Folic Acid Deficiency: हेल्दी बॉडी के लिए सभी पोषक तत्वों का शरीर में मौजूद होना जरूरी है। फोलेट एक ऐसा केमिकल है जो बॉडी में डेमेज हो चुकी सेल्स को रिपेयर करता है और नई कोशिकाओं के निर्माण में भी मददगार साबित होता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए शरीर में इसकी पूर्ति होना बेहद आवश्यक है। फोलिक एसिड को विटामिन बी-9 या फोलासीन और फोलेट के नाम से भी जाना जाता है।
ये विटामिन बी-9 के वॉटर सॉल्यूबल फॉर्म होता है। मेंटल हेल्थ को बेहतर करने में भी इस पोषक तत्व की भूमिका अहम होती है। रेड ब्लड सेल्स और डीएनए के उत्पादन में भी ये मदद करता है। ऐसे में शरीर में इसकी कमी नहीं होनी चाहिए। जानिये क्या है इसकी कमी के लक्षण –
फोलिक एसिड की कमी के संकेत:
गुस्सा
चिड़चिड़ापन
सांस फूलना
थकान
कमजोरी
खून की कमी
प्रेग्नेंसी में फोलिक एसिड: गर्भावस्था के दौरान फोलेट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन सिर्फ प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए ही जरूरी नहीं होता, बल्कि शिशु की स्वास्थ्य के लिए भी ये जरूरी है। गर्भ में पल रहे शिशु के मानसिक और शारीरिक विकास में फोलेट की भूमिका अहम होती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कम से कम 400 माइक्रो ग्राम फोलेट का सेवन करना चाहिए। हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए आवश्यक है कि महिलाएं अपनी डाइट में विटामिन, मिनरल्स, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ ही फोलिक एसिड को भी शामिल करें।
जानें दूसरे फायदे: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार फोलिक एसिड बेहतर पाचन में मदद करता है जिससे लोगों को पेट संबंधी दिक्कतों से दो-चार नहीं होना पड़ता है। कब्ज, जी मिचलाने और दस्त जैसी आम परेशानियों को दूर करने में फोलिक एसिड युक्त फूड्स मदद करते हैं। ये ऑक्सीजन संचार को सुचारू ढंग से चलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वहीं, जिनमें इस पोषक तत्व की कमी होती है उन्हें सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
कैसे करें इस कमी को दूर: एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्रोकली में रोजाना की आवश्यकता का 26 प्रतिशत फोलेट होता है। साथ ही इसमें पोटेशियम, कॉपर, जिंक जैसे पोषक तत्व भी होते हैं। इसके अलावा, हरी सब्जियों में फोलेट पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। फोलेट का बेहतरीन सोर्स कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और अलसी के बीज भी होते हैं। वहीं, चुकंदर और राजमा में भी प्रचुर मात्रा में फोलेट होता है।

