Coronavirus Pandemic: गुरुवार को देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के सर्वाधिक मामले सामने आए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार एक दिन में 16 हजार से भी अधिक लोगों में इस वायरस का संक्रमण पाया गया है। इसके साथ ही भारत में कोरोना पॉजिटिव लोगों की कुल संख्या 4 लाख 73 हजार हो गई है जबकि मौत का आंकड़ा भी साढ़े 14 हजार से अधिक है। पिछले 25 दिनों से देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन को लेकर नरमी बरती गई है। कई लोग जरूरी काम के सिलसिले में ट्रैवल कर रहे हैं। हालांकि, लोगों के मन में ये सवाल है कि घर से निकलने के बाद इस कोरोना काल में सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल कितना सुरक्षित है। आइए जानते हैं कि पब्लिक टॉयलेट यूज करने के दौरान क्या बरतनी चाहिए सावधानी-

कितना सेफ है पब्लिक टॉयलेट: इस बात में कोई दो राय नहीं है कि जो लोग पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं उनमें किसी भी प्रकार के संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इनमें संक्रमण फैलने का खतरा न केवल टॉयलेट सीट पर बैठने से होता है बल्कि किसी भी सतह को छूने से या फिर वहां मौजूद साबुन और टॉयलेट पेपर को इस्तेमाल करना भी खतरनाक साबित हो सकता है। कई पब्लिक टॉयलेट छोटे होते हैं और उनमें वेंटिलेशन की सुविधा भी अच्छी नहीं होती है, ऐसे में इस कोरोना काल के दौरान इन शौचालयों का जितना कम इस्तेमाल किया जाए, उतना बेहतर होगा।

शोध में आई ये बात सामने: एक शोध के अनुसार कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के मल में भी इस वायरस के अंश मौजूद हो सकते हैं, ऐसे में फ्लश करने के बाद दूसरे लोगों में भी संक्रमण का खतरा बढ़ता है। हालांकि, फ्लश करने के कितने देर बाद तक इस वायरस के अंश हवा में रह सकते हैं, शोधकर्ता इस बात को लेकर अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं। नेचर्स कॉल को ज्यादा समय तक कंट्रोल करना न केवल मुश्किल बल्कि सेहत के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है। इस वजह से मजबूरन लोगों को पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। ऐसे में इन टॉयलेट्स को यूज करते समय मास्क व सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना चाहिए।

बरतें ये सावधानियां: सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल करते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बाहर जाने से पहले कोशिश करें कि घर पर ही बाथरूम से हो आएं। इसके अलावा, वर्क प्लेस या सड़क पर किसी टॉयलेट का इस्तेमाल करते समय अपने साथ ग्लव्स, वाइप्स और सैनिटाइजर रखें। ग्लव्स पहनकर ही टॉयलेट का दरवाजा खोलें। वहीं, फ्लश करने से पहले टॉयलेट सीट को कवर कर दें ताकि किसी भी प्रकार के संक्रमण का खतरा कम से कम हो। अगर छोटे बच्चों के साथ हैं  तो उनका ट्रैवल टॉयलेट अपने साथ कैरी करें। टॉयलेट ले जाने की स्थिति में इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे किसी भी सतह को न छूएं।