Coronavirus in India LIVE updates: नोवेल कोरोनोवायरस वुहान शहर में उत्पन्न हुआ और इसने देश भर में अबतक लगभग 2,744 लोगों को संक्रमित किया है। यह वायरस निमोनिया जैसे लक्षणों का कारण बनता है और मुख्य रूप से रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट को प्रभावित करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि 2019-nCoV के वुहान कोरोनवायरस, वायरस के एक बड़े परिवार से संबंधित हैं, जो कोरोनावायरस के रूप में जाने जाते हैं। वायरस गले में खराश, फ्लू, बुखार और यहां तक कि गंभीर बीमारियों जैसे अक्यूट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम (SARS-CoV) और इस्ट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम (MERS-CoV) सहित कई लक्षणों का कारण बन सकता है। एनडीटीवी के एक आर्टिकल ने बताया कि कैसे आप इस वायरस के शिकार होने से बच सकते हैं।
कोरोनावायरस प्रिवेंटिव टिप्स: ट्रैवल करते वक्त इन बातों का जरूर रखें ध्यान, नहीं होंगे इस वायरस के शिकार
कोरोनावायरस बहुत तेजी से फैल रहा है, इसलिए आप कहां ट्रैवल कर रहे हैं उस बात का जरूर ध्यान रखें। अब तक, पुष्टि किए गए कोरोनावायरस के मामले हॉगकॉग, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, फ्रांस, जापान, ताइवान, वियतनाम, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, मकाओ और नेपाल में हुए हैं। अगर आप इन जगहों पर जानें की सोच रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें-
– डॉ. लक्ष्मण जेसानी ने सलाह देते हैं हुए बताया, “जिन लोगों ने इन देशों में से कहीं भी ट्रैवल किया है, और सांस से संबंधित समस्या का सामना कर रहे हैं, उन्हें ड्रॉपलेट और एयरबॉर्न आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए। इन रोगियों का श्वसन स्राव(रेस्पिरेटरी सेक्रेशन) किसी और के संपर्क में नहीं आना चाहिए।”
– यदि आप खांसी, सर्दी, छींकने, घरघराहट या बुखार जैसे किसी भी श्वसन लक्षण का अनुभव करते हैं, तो तुरंत निदान के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।
– अलग रहें यदि आप इन लक्षणों का अनुभव करते हैं और आपके आस-पास खांसने और छींकने वाले लोगों से दूर रहें।

Highlights
चीन के वुहान शहर से फैला रहा कोरोना वायरस (corona virus) अब तक करीब 132 लोगों की जान ले चुका है. कोरोना वायरस के कई मामले चीन से बाहर भी देखने को मिल रहे हैं. चीन की सीमाओं के बाहर वायरस का खतरा बढ़ते देख भारतीय हवाई अड्डों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) के अंतर्गत रिसर्च काउंसिल ने आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा (Unani Medicines) के फायदों के फायदों के बारे में बताते हुए एडवाइजरी भी जारी की है.
बैंकॉक, हांगकांग, न्यूयॉर्क, लंदन, सिडनी, ताइवान, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, जापान और भारत...
मंत्रालय ने गुरुवार को 21 हवाईअड्डों की सूची जारी करते हुए बताया कि चीन से सीधी विमान सेवा वाले भारतीय हवाईअड्डों के अलावा उन हवाईअड्डों को भी थर्मल जांच के दायरे में लाया गया है, जो चीन से कनेक्टिंग उड़ान सेवा से जुड़े हैं. इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के अलावा हैदराबाद, कोचीन, बेंगलुरु, अहमदाबाद, अमृतसर, कोयंबटूर, गुवाहाटी, गया, बागडोगरा, जयपुर, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, तिरुचि, वाराणसी, विजाग, भुवनेश्वर और गोवा शामिल हैं.
डॉ. अनुरुद्ध ने बताया कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहे। विटामिन-सी युक्त फल खाएं। साथ ही शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली खाद्य पदार्थों का प्रयोग करें। मांस-मछली और सी फूड न खाएं, बाहर के खाने से परहेज करें। ताजा खाना पकाकर खाएं। कुछ भी खाने से पहले हाथ जरुर धुलें। बात करते समय खांसते, छींकते समय मुंह पर मास्क लगाकर रखें या मुंह ढककर रखें। सार्वजनिक स्थल पर जाने से बचें। हाथ मिलाने से बचें। हाथ को आंख, नाक और मुंह को सीधे न छुए। पशु वधशालाओं, पशु-पक्षी पालन गृह में जाने से परहेज करें। बाहर से घर या ऑफिस पहुंचने पर हाथ साबुन से धुलें।
इनमें से दो गगुरुग्राम, एक फरीदाबाद, एक नूह और एक पानीपत में मिला है। ये मरीज स्वास्थ्य महकमे की निगरानी में उपचाराधीन है। हालांकि स्वास्थ्य महकमे ने अभी मरीजों को इस वायरस से ग्रस्त होने की पुष्टि नहीं है। मगर इस वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमे ने अलर्ट जारी कर दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें. जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. अंडे और मांस के सेवन से बचें. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें.
इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था. इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है.
कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकना वाला कोई टीका नहीं है।
पूर्वोत्तर के राज्यों में भी कोरोना वायरस को लेकर दहशत देखी जा रही है। त्रिपुरा ने अपने यहां हाई अलर्ट जारी कर दिया है। खासकर भारत-बांग्लादेश सीमा पर आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है।
केरल के लगभग 34 बच्चे चीन के वुहान शहर में फंसे हुए हैं। इनके माता-पिता उनको लेकर चिंतित हैं। हालांकि, कोई छात्र इस वायरस से पीड़ित नहीं है। इससे अभिभावकों में संतोष तो है, लेकिन डर भी बना हुआ है।
- इलाज करवाने से पहले अपने डॉक्टर को इस बात की जानकारी जरूर दें कि आप कहां ट्रैवल कर के आए हैं।
- यदि आप किसी प्रकार का कोई भी लक्षण अनुभव करते हैं तो मेडिकल मास्क जरूर लगा लें।
- जब आप मास्क को पहने रहते हैं तो बार-बार उसे हाथ ना लगाएं। इसके अलावा ध्यान रहे मास्क से आपका नाक और मुंह को पूरी तरह कवर हो।
- हर दिन मास्क को बदलें और मास्क फेंकने के बाद अपने हाथ को हैंडवॉश से धोएं।
- अपने हाथों, आंखों, नाक और मुंह को बार-बार हाथों से छूने से बचें। अपने हाथों को साफ करने के लिए अल्कोहल-बेस्ड हैंड वॉश या साबुन का उपयोग करें।
दक्षिणी राज्य केरल में हाल के दिनों में चीन से 633 लोग लौटे हैं। सबसे ज्यादा यहीं के सात लोगों में कोरोना वायरस से मिलते-जुलते लक्षण पाए जाने के बाद अस्पतालों मे भर्ती कराया गया है। हालांकि, किसी में भी कोरोना वायरस की पुष्टि नहीं हुई है।
- इलाज करवाने से पहले अपने डॉक्टर को इस बात की जानकारी जरूर दें कि आप कहां ट्रैवल कर के आए हैं।
- यदि आप किसी प्रकार का कोई भी लक्षण अनुभव करते हैं तो मेडिकल मास्क जरूर लगा लें।
- जब आप मास्क को पहने रहते हैं तो बार-बार उसे हाथ ना लगाएं। इसके अलावा ध्यान रहे मास्क से आपका नाक और मुंह को पूरी तरह कवर हो।
- हर दिन मास्क को बदलें और मास्क फेंकने के बाद अपने हाथ को हैंडवॉश से धोएं।
- अपने हाथों, आंखों, नाक और मुंह को बार-बार हाथों से छूने से बचें। अपने हाथों को साफ करने के लिए अल्कोहल-बेस्ड हैंड वॉश या साबुन का उपयोग करें।