Coronavirus Impact: वैश्विक महामारी बन चुकी कोरोना वायरस से अब तक 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी ये वायरस से अपने पैर पसार रहा है। देश में 300 से अधिक लोगों में इस वायरस की पुष्टि की जा चुकी है। ऐसे में इस वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए सरकार और स्वास्थ्य अधिकारी हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इस वायरस को हराने के लिए लोग आज जनता कर्फ्यू का भी पालन कर रहे हैं। हालांकि, देश में कोरोना वायरस की जांच के लिए तय किए सरकारी लैब्स काफी नहीं हैं। पर प्राइवेट लैब में भी कोरोना वायरस से जुड़े जांच होंगे, हालांकि इसके लिए आपको अपनी जेब भी ढ़ीली करनी पड़ेगी। आइए जानते हैं जांच कराने में कितने लगेंगे पैसे-

प्राइवेट लैब में भी होंगे जांच: ‘पीआईबी इंडिया’ की एक रिपोर्ट की मानें तो कोरोना वायरस की जांच के लिए लैब्स की कमी को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है कि अब प्राइवेट लैब में भी लोग इस वायरस से पीड़ित हैं या नहीं, ये पता लगाया जाएगा। वैसे तो ICMR ने निजी लैब से आग्रह किया है कि वो कोरोना वायरस का परीक्षण मुफ्त या रियायती दर पर करें लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजी लैब में जांच कराने पर ज्यादा से ज्यादा साढ़े 4 हजार लगेंगे। इसमें संदिग्ध मामलों से जुड़े टेस्ट के 1500 रुपये लगेंगे जबकि कंफर्मेशन टेस्ट की फीस अलग से 3 हजार तय की गई है।

जनता कर्फ्यू कितना फायदेमंद: देश में प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने कोरोना वायरस के चेन को ब्रेक करने के लिए लोगों से 22 मार्च, रविवार को जनता कर्फ्यू की अपील की है। इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं भी हो रही हैं। पर वुहान से जुड़े एक शोध में इस बात का दावा किया गया कि लॉकडाउन से ही चीन बीमारी पर काबू पाने में सफल रहा। वहां, लॉकडाउन के 2 फायदे हुए-बीमारी का फैलाव रुका और 65 फीसदी मामले जो पहले रिपोर्ट नहीं हो रहे थे, वे स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में आ गए।

बढ़ सकती है मरीजों की संख्या: ‘बीबीसी’ की एक रिपोर्ट में सेंटर फॉर डिज़ीज डायनेमिक्स के निदेशक डॉ. रामानन लक्ष्मीनारायण ने बताया कि जिस तरह अमरीका और ब्रिटेन कोरोना वायरस की चपेट में आ रहा है, उस हिसाब से भारत की करीब 20 प्रतिशत आबादी यानि कि 30 करोड़ लोग इसके शिकार हो सकते हैं। उनके अनुसार, भारत में अब तक अधिकतर उन्हीं लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट कराया गया है जो विदेश से लौटे हैं या विदेश से आए किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हैं। वो आगे कहते हैं आने वाले दो से तीन दिनों में जब ज़्यादा लोगों के टेस्ट होंगे तो मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी। ये संख्या हज़ार के पार भी जा सकती है जिस वजह से उन्होंने सबको सचेत रहने की सलाह दी है।