शिलाजीत को आयुर्वेद में एक जड़ी-बूटी माना जाता है। मेडिकल साइंस इसे एक गाढ़ा, चिपचिपा खनिज पदार्थ कहती है जो सदियों तक हिमालय की चट्टानों के बीच पौधों और सूक्ष्मजीवों के अपघटन से बनता है। आयुर्वेद में इस हर्ब को पहाड़ों का अमृत कहा जाता है। जो सदियों तक हिमालय की चट्टानों के बीच पौधों और सूक्ष्मजीवों के अपघटन (Decomposition) से बनता है। इस हर्ब की तासीर गर्म होती है, जिसके कारण ये सर्दियों के मौसम में शरीर के लिए एक सुरक्षा कवच (Immunity Shield) की तरह काम करती है। आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत गर्म तासीर की होती है। सर्दियों में जब बाहरी तापमान गिरता है, तो शिलाजीत शरीर के आंतरिक मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करके बॉडी में नेचुरल गर्मी पैदा करती है। यह हाथ-पैरों के ठंडे रहने की समस्या को दूर करती है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण ने बताया जिन लोगों को सर्दी में ज्यादा ठंड लगती है, हाथ-पैरों में झनझनाहट होती है, बीपी लो रहता है और हाथ-पैरों में स्टिफनेस ज्यादा होती है उनके लिए शिलाजीत का सेवन दवा का काम करता है। सर्दी में रोजाना सुबह शाम काले चने के बराबर इस हर्ब को दूध में मिलाकर पी लें। ये जड़ी बूटी बॉडी को गर्म रखेगी और सर्दी से बचाव करेगी। आइए जानते हैं कि सर्दी में शिलाजीत का सेवन करने से बॉडी को कैसे फायदा होता है।
इम्यूनिटी बढ़ाती है शिलाजीत
शिलाजीत में ‘फुलविक एसिड और 84 से अधिक खनिज होते हैं। आयुर्वेदिक दृष्टि में इसे ‘रसायन’ माना गया है, जो शरीर की सप्त धातुओं का पोषण करता है। सर्दियों में इसका सेवन करने से ओजस (Immunity) बढ़ता है, जिससे ठंड के मौसम में होने वाले वायरल इन्फेक्शन, सर्दी-खांसी और साइनस जैसी समस्याओं से बचाव होता है।
जोड़ों और मांसपेशियों का दर्द होता है दूर
सर्दियों में ‘वात’ दोष बढ़ जाता है, जिससे जोड़ों में दर्द और जकड़न होती है। शिलाजीत वात नाशक होती है, यह हड्डियों के बीच के लुब्रिकेशन को बनाए रखती है और जोड़ों की सूजन को कम करती है, जिससे सर्दियों में उठने-बैठने में तकलीफ नहीं होती।
लंग्स की हेल्थ में होता है सुधार
ठंड के मौसम में कफ दोष बढ़ने से सांस लेने में दिक्कत या अस्थमा की समस्या बढ़ जाती है। शिलाजीत फेफड़ों को ताकत देती है और अतिरिक्त कफ को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है।
एनर्जी बूस्ट होती है और बढ़ती है ताकत
सर्दियों में आलस और सुस्ती बढ़ जाती है। शिलाजीत कोशिकाओं के अंदर माइटोकॉन्ड्रिया को ऊर्जा बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है, जिससे आप दिन भर एक्टिव महसूस करते हैं। रोजाना सर्दी में चने के दाने बराबर शिलाजीत का सेवन करने से सर्दी में बीमारियों से बचाव होता है।
पुरुषों में ताकत और ऊर्जा का स्रोत है
पुरुषों के लिए शिलाजीत एक प्राकृतिक ‘टेस्टोस्टेरोन बूस्टर’ के रूप में जानी जाती है। Andrologia जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, 90 दिनों तक शिलाजीत का सेवन करने से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। शोध बताते हैं कि यह स्पर्म काउंट और उनकी गतिशीलता (Motility) में सुधार करती है।
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