स्ट्रोक एक गंभीर स्वास्थ्य स्थिति है, जो तब होती है जब मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति किसी कारणवश बाधित हो जाती है। समय पर इलाज न मिले तो कुछ ही मिनटों में मरीज की जान को खतरा हो सकता है या शरीर में लकवा पड़ सकता है। यही कारण है कि स्ट्रोक को मेडिकल इमर्जेंसी माना जाता है और इसमें तुरंत उपचार की जरूरत होती है। हालांकि कुछ स्ट्रोक अचानक होते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में स्ट्रोक से कई हफ्ते या महीनों पहले शरीर कुछ महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत देने लगता है।

अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल, बैंगलोर के एमडी जनरल फिजीशियन डॉ. रवि केसरी ने बताया CVA या स्ट्रोक ऐसी स्थिति है जिसमें तुरंत चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी होता है। अगर इन शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो मरीज़ को आवश्यक उपचार देकर स्ट्रोक की गंभीरता, लकवे का खतरा और मृत्यु तीनों से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं कि स्ट्रोक आने से पहले बॉडी में कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं।

लगातार और असामान्य सिरदर्द

कुछ लोग स्ट्रोक से एक महीने पहले ऐसे सिरदर्द महसूस करते हैं जो उनके सामान्य सिरदर्द से बिल्कुल अलग होते हैं। ये सिरदर्द अचानक आते हैं और ज्यादा तीखे व लंबे समय तक बने रहते हैं। कई बार दर्द के साथ चक्कर, मतली और नजर धुंधली होना भी शामिल होता है। ये इसलिए होता है क्योंकि मस्तिष्क में रक्त प्रवाह में बदलाव या आंतरिक रक्तस्राव की शुरुआत हो सकती है।

शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नपन

यदि अचानक चेहरे, हाथ या पैर में कमजोरी, सुन्नपन या झनझनाहट महसूस हो खासकर शरीर के एक ही हिस्से में तो यह स्ट्रोक का बड़ा चेतावनी संकेत है। यह लक्षण कुछ मिनटों के लिए आ सकता है और फिर चला भी जाता है, लेकिन इसे बिल्कुल हल्के में न लें। ये इस बात का संकेत है कि मस्तिष्क के उस हिस्से में खून का संचार कम हो रहा है।

बोलने में दिक्कत (Speech Difficulty) होना

स्ट्रोक के शुरुआती चरण में व्यक्ति को अचानक बोली अस्पष्ट हो सकती है। शब्द बोलने में कठिनाई, वाक्यों को समझने में परेशानी या सही शब्द चुनने में समस्या, ये सभी संकेत हैं कि मस्तिष्क का भाषा नियंत्रित करने वाला भाग प्रभावित हो रहा है। ऐसी स्थिति को तुरंत मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए।

अचानक विजन से संबंधित समस्याएं होना

स्ट्रोक से पहले कई लोगों में अचानक धुंधला दिखना, डबल विज़न, एक आंख से कम दिखना, चिंगारियां दिखना या फोकस न कर पाना देखा जाता है। यह लक्षण इसलिए आते हैं क्योंकि मस्तिष्क का वह भाग प्रभावित होता है जो दृष्टि को नियंत्रित करता है।

चक्कर आना और संतुलन बिगड़ना

मस्तिष्क में रक्त प्रवाह कम होने पर बार-बार चक्कर आना, चलते समय लड़खड़ाना, बैलेंस बिगड़ना जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। अगर ये लक्षण कई दिनों या हफ्तों तक बने रहें या बढ़ते जाएं, तो यह स्ट्रोक की ओर बढ़ने का संकेत हो सकता है।

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