बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय फैंस के पसंदीदा स्टार्स में से एक रहे हैं। उनका अभिनय लोगों को काफी पसंद आता है और अब वह जल्द ही ‘मस्ती 4’ में नजर आने वाले हैं। फिल्मी बैकग्राउंड से आने वाले एक्टर ने अपने करियर की शुरुआत साल 2002 में आई फिल्म ‘कंपनी’ से की थी, जिसका निर्देशन राम गोपाल वर्मा ने किया था। अब हाल ही में उन्होंने अपने स्ट्रगल के बारे में बात की है।

विवेक ने बताया है कि इंडस्ट्री में आने से पहले वह असल में झुग्गी-झोपड़ियों में रहते थे, जहां बड़े-बड़े चूहे उनका साथ देते थे। पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल सिर्फ यह अंदाजा लगाने के लिए करते थे कि फिल्म में उनका कैरेक्टर उनके आस-पास के माहौल पर कैसा रिएक्ट करेगा। अब एक नए इंटरव्यू में विवेक ने अपनी लाइफ के इसी समय को याद किया है। उन्होंने बताया कि जब राम गोपाल वर्मा ने उन्हें ‘कंपनी’ में कास्ट किया तो उनके पिता रो पड़े थे।

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क्यों झुग्गी में रहे विवेक ओबेरॉय?

विवेक ने पिंकविला से बात करते हुए बताया कि डायरेक्टर ने पहले उन्हें रिजेक्ट कर दिया था, क्योंकि उन्हें लगा कि एक हार्डकोर गैंगस्टर फिल्म के लिए वह बहुत ज्यादा पॉलिश्ड हैं। फिर विवेक ने राम गोपाल वर्मा को इम्प्रेस करने का बीड़ा उठाया और कुछ महीनों के लिए झुग्गी में रहने चले गए। एक्टर ने कहा, “मैं लगभग 6-7 हफ्ते तक एक झुग्गी में जाकर रहा। झुग्गी में भाड़े पे खोली ली और उसी में रहा।”

इसके आगे उन्होंने कहा, “खोली में रात को बड़े-बड़े चूहे आते थे। ड्रम के अंदर से पानी निकलना पड़ता था। बाथरूम नहीं था, आपको सुलभ शौचालय इस्तेमाल करना पड़ता था और उसके लिए भी लाइन में खड़ा रहना पड़ता। मैंने महसूस किया कि चंदू नागरे (कंपनी का किरदार) की लाइफ कैसी होगी, बीड़ी कैसे फूंकता है, चाय कैसे पीता है, बातें कैसे करता है।”

जब दोबारा ऑडिशन देने गए एक्टर

फिर विवेक ने बताया कि उन्हें पता नहीं था कि डायरेक्टर उनको दोबारा ऑडिशन देने की इजाजत देंगे या नहीं। इसलिए कुछ समय झुग्गी-झोपड़ियों में रहने के बाद, उन्होंने कैरेक्टर के कपड़े पहने और उनके ऑफिस पहुंच गए। फिर राम गोपाल वर्मा बहुत इम्प्रेस हुए और उन्होंने तुरंत विवेक को कास्ट कर लिया। इसके आगे विवेक ने बताया कि राम गोपाल ने उन्हें क्या कहा “जबरदस्त ऑडिशन… मैंने ऐसा ऑडिशन कभी नहीं देखा।”

इसके बाद डायरेक्टर विवेक के साथ सुरेश ओबेरॉय के घर गए, जहां सुरेश बागवानी कर रहे थे। जैसे ही डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने विवेक को कास्ट कर लिया है, यह सुनकर दिग्गज अभिनेता की आंखों में आंसू आ गए, क्योंकि उन्हें अपने बेटे पर गर्व था। राम गोपाल, विवेक को कुछ साइनिंग अमाउंट देना चाहते थे और उनके पास कोई कैश नहीं था, इसलिए उन्होंने सुरेश से 10 रुपये उधार लिए और वोवेक को वहीं दे दिए।

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